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Wednesday, October 21, 2026
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    New Noida News : नया नोएडा बसाने की कवायद तेज, जमीन सर्वे के लिए 5 और लेखपाल होंगे तैनात, पहले चरण के 31 गांवों में कैंप लगाकर जुटाई जाएगी जमीन की जानकारी, किसानों को प्राधिकरण कार्यालय जाने की जरूरत नहीं, गांव में ही मिलेगी जानकारी, मुआवजा दर पर हो चुकी है सहमति

    नए नोएडा के विकास से जुड़ी जमीन खरीद प्रक्रिया में मुआवजा दर पहले ही तय की जा चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार डीएनजीआईआर यानी नए नोएडा के विकास में किसानों को भी भागीदार बनाने की योजना है। पहले चरण और दूसरे चरण में जमीन खरीद के लिए मुआवजा दर तथा छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुसार दिया जाएगा।

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    नोएडा, द न्यूज क्लिक । नए नोएडा के विकास और उसे बसाने की दिशा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेजी पकड़ने लगी है। नए नोएडा के प्रस्तावित क्षेत्र में शामिल गांवों में जमीन से जुड़ी वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। प्राधिकरण ने पहले चरण में शामिल गांवों में जमीन के सर्वे और अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की है। इसी क्रम में सोमवार से पांच और लेखपालों को सर्वे कार्य के लिए तैनात किया जा रहा है। अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती से सर्वे कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

    नए नोएडा को बसाने की योजना के तहत प्राधिकरण की ओर से पहले चरण में शामिल 31 गांवों में कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से किसानों और भूमि मालिकों को जमीन खरीद से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जमीन के कागजात, मालिकाना हक, राजस्व अभिलेख और अन्य जरूरी विवरण भी जुटाए जाएंगे। इसका उद्देश्य जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना है।

    31 गांवों में कैंप लगाकर किसानों से जुटाई जाएगी जानकारी

    प्राधिकरण की योजना के अनुसार नए नोएडा के पहले चरण में आने वाले 31 गांवों में कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से संबंधित किसानों और भूमि मालिकों से उनकी जमीन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की जाएगी। जमीन खरीद की प्रक्रिया, मुआवजा और आबादी भूखंड से संबंधित जानकारी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारी और राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी गांवों में पहुंचकर जमीन के दस्तावेजों की स्थिति की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित जमीन का वर्तमान मालिक कौन है, राजस्व अभिलेखों में उसका विवरण क्या दर्ज है और जमीन के संबंध में किसी प्रकार का विवाद या अन्य समस्या तो नहीं है।

    नए नोएडा के विकास में किसानों और भूमि मालिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में जमीन से संबंधित रिकॉर्ड को सही तरीके से तैयार करना और किसानों की वास्तविक स्थिति को समझना अधिग्रहण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

    पांच अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती से सर्वे में आएगी तेजी

    समाचार रिपोर्ट के अनुसार सर्वे कार्य को गति देने के लिए सोमवार से पांच लेखपालों को अतिरिक्त रूप से तैनात किया जाएगा। इन लेखपालों की मदद से जमीन के सर्वे और संबंधित दस्तावेजों की जांच का काम तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से पहले चरण में शामिल गांवों में सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। अब अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे टीमों की संख्या बढ़ेगी और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से जुटाने में मदद मिलेगी।

    सर्वे के दौरान किसानों से उनकी जमीन से संबंधित सवाल भी किए जा रहे हैं। जमीन के स्वामित्व, क्षेत्रफल, वर्तमान स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा नए नोएडा के विकास के लिए प्रस्तावित जमीन की वास्तविक स्थिति को भी समझने का प्रयास किया जा रहा है।

    किसानों को प्राधिकरण कार्यालय जाने की जरूरत नहीं, गांव में ही मिलेगी जानकारी

    नए नोएडा में शामिल होने वाले कई गांवों के किसानों को अब जमीन से संबंधित जानकारी के लिए बार-बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। गांवों में लगाए जाने वाले कैंपों के माध्यम से उन्हें मौके पर ही जमीन खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी देने की योजना है। कई किसान पहले से ही प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर जमीन खरीद, मुआवजा और आबादी भूखंड से जुड़ी जानकारी हासिल कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा किसानों के सवालों को दर्ज किया जा रहा है और उनकी जमीन से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

    गांवों में कैंप लगने के बाद किसानों को अपने क्षेत्र में ही अधिकारियों से बातचीत करने और अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। इससे प्रक्रिया को लेकर किसानों के बीच स्पष्टता बढ़ने की उम्मीद है।

    मुआवजा दर पर हो चुकी है सहमति

    नए नोएडा के विकास से जुड़ी जमीन खरीद प्रक्रिया में मुआवजा दर पहले ही तय की जा चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार डीएनजीआईआर यानी नए नोएडा के विकास में किसानों को भी भागीदार बनाने की योजना है। पहले चरण और दूसरे चरण में जमीन खरीद के लिए मुआवजा दर तथा छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुसार दिया जाएगा। वहीं तीसरे और चौथे चरण में मुआवजा दर के साथ सात प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना प्राधिकरण के अनुसार मिलने की बात सामने आई है। इससे किसानों के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया में मिलने वाले लाभ की स्थिति भी स्पष्ट होती है।

    प्राधिकरण की कोशिश है कि किसानों की सहमति के आधार पर जमीन खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित किसानों के साथ आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    जमीन के कागजात और मालिकाना हक का होगा सत्यापन

    नए नोएडा के विकास के लिए जमीन खरीदने से पहले संबंधित जमीन के दस्तावेजों और मालिकाना हक का सत्यापन महत्वपूर्ण होगा। सर्वे के दौरान जमीन के कागजात, राजस्व अभिलेख और वर्तमान स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि जमीन का रिकॉर्ड सही हो और वास्तविक भूमि मालिक की पहचान स्पष्ट रूप से हो सके। इसी वजह से सर्वे के साथ-साथ राजस्व अभिलेखों के सत्यापन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जमीन खरीद की प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक जानकारी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी। जमीन के दस्तावेजों से जुड़ी किसी कमी या विसंगति की स्थिति में उसे भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा, ताकि आगे की प्रक्रिया में समस्या न आए।

    नए नोएडा के विकास की दिशा में अहम कदम

    नया नोएडा बसाने की योजना को क्षेत्र के भविष्य के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रस्तावित क्षेत्र में व्यवस्थित विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक शहरी ढांचे की योजना है। इसके लिए जमीन की उपलब्धता और उसके रिकॉर्ड का सही होना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में जमीन सर्वे की शुरुआत को नए नोएडा की विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। पहले चरण में शामिल 31 गांवों में कैंप लगाए जाने और पांच अतिरिक्त लेखपालों की तैनाती से सर्वे प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।

    प्राधिकरण की ओर से किसानों से जमीन से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और सवालों को भी दर्ज किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित किसानों के साथ जमीन खरीद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

    किसानों की भागीदारी से पूरी होगी प्रक्रिया

    नए नोएडा के विकास की योजना को सफल बनाने में किसानों की सहमति और भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसलिए प्राधिकरण की कोशिश है कि जमीन खरीद से पहले किसानों को पूरी प्रक्रिया और उन्हें मिलने वाले लाभ की जानकारी दी जाए। गांवों में कैंप लगाने का एक उद्देश्य यह भी है कि किसानों को जमीन खरीद प्रक्रिया के बारे में सीधे अधिकारियों से जानकारी मिल सके और वे अपनी शंकाओं का समाधान करा सकें। इससे जमीन खरीद की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    फिलहाल पांच और लेखपालों की तैनाती के साथ नए नोएडा के पहले चरण में जमीन सर्वे का काम और तेज होने की उम्मीद है। 31 गांवों में कैंप लगाकर जमीन के कागजात, मालिकाना हक, राजस्व रिकॉर्ड और किसानों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए जमीन खरीद की दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा। नए नोएडा को बसाने की दिशा में जमीन सर्वे की यह प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे जमीन खरीद, विकास कार्यों और किसानों को मिलने वाले लाभ से जुड़ी प्रक्रिया को गति मिलेगी। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि 31 गांवों में सर्वे और रिकॉर्ड सत्यापन का काम कितनी तेजी से पूरा होता है और इसके बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।

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