जेवर एयरपोर्ट, द न्यूज क्लिक।
देश के सबसे महत्वाकांक्षी एविएशन प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) ने सोमवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली। लंबे इंतजार, हजारों करोड़ रुपये के निवेश और वर्षों की तैयारियों के बाद आखिरकार वह क्षण आ ही गया, जब लखनऊ से इंडिगो एयरलाइंस की पहली फ्लाइट जेवर एयरपोर्ट पर उतरी और इस नए एयरपोर्ट के इतिहास का पहला सुनहरा अध्याय लिख दिया गया। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही विमान का पारंपरिक वाटर कैनन सलामी के साथ स्वागत किया गया। यह दृश्य न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भावुक करने वाला था, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बन गया। एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने इस ऐतिहासिक पल का तालियों के साथ स्वागत किया।
सुबह 8 बजे उतरी पहली फ्लाइट, पूरे एयरपोर्ट परिसर में छाया उत्साह
सोमवार सुबह करीब 8 बजे लखनऊ से रवाना हुई इंडिगो की फ्लाइट पहली बार जेवर एयरपोर्ट के रनवे पर उतरी। विमान के लैंड करते ही एयरपोर्ट प्रशासन और एविएशन अधिकारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। विमान को एयरपोर्ट की ओर से विशेष वाटर कैनन सलामी दी गई, जो किसी नए एयरपोर्ट या विशेष उड़ान के स्वागत की अंतरराष्ट्रीय परंपरा मानी जाती है। यह दृश्य अपने आप में ऐतिहासिक था, क्योंकि पहली बार जेवर की धरती पर किसी वाणिज्यिक विमान ने आधिकारिक रूप से लैंडिंग की।
161 यात्रियों के साथ बेंगलुरु के लिए रवाना हुई पहली उड़ान
लखनऊ से आने के बाद यही विमान 161 यात्रियों को लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ। इस प्रकार जेवर एयरपोर्ट से पहली व्यावसायिक उड़ान का संचालन भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यात्रियों के बीच भी इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई यात्रियों ने इसे “नए भारत की नई उड़ान” बताया।
170 किसानों ने भी रचा इतिहास, स्पेशल फ्लाइट से पहुंचे लखनऊ
इस ऐतिहासिक अवसर पर उन किसानों को भी विशेष सम्मान दिया गया, जिनकी जमीन पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण संभव हो सका। एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि देने वाले 170 किसानों, जिनमें लगभग 20 महिलाएं भी शामिल हैं, को विशेष उड़ान के माध्यम से लखनऊ भेजा गया।
बताया जा रहा है कि ये किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। किसानों के लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं बल्कि उनके योगदान को मिला सम्मान भी माना जा रहा है।
आज से अमृतसर और हैदराबाद के लिए भी शुरू हुई सेवाएं
जेवर एयरपोर्ट से सोमवार से ही कई अन्य शहरों के लिए उड़ान सेवाओं का विस्तार भी शुरू हो गया है। अमृतसर और हैदराबाद के लिए यात्रियों की आवाजाही प्रारंभ हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट पहुंचकर नई सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्भरता कम होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एनसीआर और आसपास के राज्यों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
16 जून से बढ़ेगा उड़ानों का दायरा, कई शहर होंगे सीधे जुड़े
एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइंस कंपनियों के अनुसार 16 जून से इंडिगो एयरलाइंस जेवर एयरपोर्ट से बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित उड़ानें शुरू करेगी। वहीं, अकासा एयर भी 16 जून से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए अपनी दैनिक उड़ान सेवाएं शुरू करने जा रही है। इसके अलावा आने वाले दिनों में निम्न शहरों के लिए भी उड़ानों की शुरुआत प्रस्तावित है—
श्रीनगर
बरेली
जयपुर
जोधपुर
धर्मशाला
भोपाल
चंडीगढ़
किशनगढ़
देहरादून
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ 16 जून का दिन
जिस एयरपोर्ट का सपना वर्षों पहले देखा गया था, वह अब वास्तविकता बन चुका है। पहली फ्लाइट की लैंडिंग के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भारतीय एविएशन सेक्टर में अपना आधिकारिक प्रवेश दर्ज करा दिया है। अब आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए विकास, रोजगार और वैश्विक कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है।

