नई दिल्ली, द न्यूज क्लिक। भारतीय हस्तशिल्प और फैशन उद्योग को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 07 से 08 जुलाई 2026 तक कुआलालंपुर (मलेशिया) में आयोजित साउथईस्ट एशिया फैशन वीक 2026 में EPCH ने प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए इंडिया पवेलियन के माध्यम से भारतीय फैशन एक्सेसरीज़, समकालीन शिल्प-आधारित डिजाइनों और हस्तनिर्मित उत्पादों का शानदार प्रदर्शन किया।

इंडिया पवेलियन का उद्घाटन भारतीय उच्चायोग, मलेशिया के उप उच्चायुक्त एवं कार्यवाहक उच्चायुक्त श्री हितेश जे. राजपाल ने किया। इस अवसर पर भारतीय निर्यातक, उद्योग प्रतिनिधि तथा अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। EPCH के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि यह आयोजन भारतीय हस्तशिल्प और फैशन उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की भागीदारी
साउथईस्ट एशिया फैशन वीक 2026 में दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, मध्य पूर्व, अमेरिका और लैटिन अमेरिका सहित दुनिया के विभिन्न देशों के 100 से अधिक फैशन ब्रांड और डिजाइनर हिस्सा ले रहे हैं।
प्रदर्शनी में महिला एवं पुरुष परिधान, फैशन टेक्सटाइल, फुटवियर, हैंडबैग, फैशन ज्वेलरी, फैशन एक्सेसरीज़ और लक्ज़री फैशन कलेक्शन सहित अनेक श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
भारतीय हस्तशिल्प को मिला वैश्विक मंच
EPCH के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया फैशन, लाइफस्टाइल और डिजाइन आधारित उत्पादों के लिए तेजी से उभरता हुआ बड़ा बाजार है। ऐसे आयोजनों में भागीदारी भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और उद्योग विशेषज्ञों के सामने अपनी गुणवत्ता और डिज़ाइन क्षमता प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का अनूठा संगम है। EPCH का उद्देश्य भारतीय उत्पादों को केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रखकर उन्हें आधुनिक वैश्विक फैशन और रिटेल बाजार की मांग के अनुरूप स्थापित करना है।
10 भारतीय निर्यातक कर रहे हैं प्रतिनिधित्व
EPCH के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि इस वर्ष 10 सदस्य निर्यातक इंडिया पवेलियन के माध्यम से भाग ले रहे हैं। ये निर्यातक महिला परिधान, फैशन टेक्सटाइल, फैशन ज्वेलरी, फैशन एक्सेसरीज़, परिधान और अन्य संबंधित उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह भागीदारी केवल उत्पाद प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंचाने, नए खरीदारों से जोड़ने और बदलते वैश्विक फैशन ट्रेंड को समझने का भी अवसर प्रदान करती है।
आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम 2026 का भी प्रचार
प्रदर्शनी के दौरान EPCH द्वारा आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम 2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार का अभियान भी चलाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, रिटेलर्स, वितरकों, डिजाइनरों और सोर्सिंग विशेषज्ञों को भारत आने तथा भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फर्नीचर और फैशन एक्सेसरीज़ की विशाल श्रृंखला का प्रत्यक्ष अनुभव लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
लाखों कारीगरों को मिलता है लाभ
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) देशभर के लाखों कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा तैयार किए जाने वाले हस्तनिर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने वाली प्रमुख संस्था है। परिषद घरेलू सजावट, लाइफस्टाइल उत्पाद, फर्नीचर, फैशन ज्वेलरी और एक्सेसरीज़ सहित अनेक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने का कार्य करती है।
EPCH के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,168 करोड़ रुपये (लगभग 3.754 अरब अमेरिकी डॉलर) रहा, जो वैश्विक बाजार में भारतीय हस्तशिल्प की बढ़ती स्वीकार्यता और मांग का प्रमाण है।
साउथईस्ट एशिया फैशन वीक 2026 में EPCH की यह भागीदारी न केवल भारतीय हस्तशिल्प और फैशन उद्योग के लिए नए व्यापारिक अवसरों के द्वार खोल रही है, बल्कि “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को भी वैश्विक स्तर पर नई मजबूती प्रदान कर रही है।

