ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों के लिए राहत और उम्मीद की बड़ी खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदाकेयर-हेल्थसिटी आगामी 11 जुलाई को एक विशेष मुफ्त HLA टाइपिंग कैंप, स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्रेशन अभियान और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों को नया जीवन देने की दिशा में ठोस कदम उठाना है, जो वर्षों से नियमित रक्त चढ़ाने की पीड़ा झेल रहे हैं और जिनके लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही स्थायी इलाज बन सकता है।

यह विशेष शिविर बाल आयुष फाउंडेशन, थैलेसीमिक्स इंडिया और DATRI के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम 11 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक शारदाकेयर-हेल्थसिटी के पीडियाट्रिक न्यू ओपीडी में आयोजित होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में होने वाला यह शिविर मरीजों और उनके परिजनों के लिए पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
थैलेसीमिया मरीजों के लिए क्यों है यह कैंप बेहद महत्वपूर्ण?
भारत में हजारों बच्चे थैलेसीमिया, सिकल सेल डिजीज और अन्य गंभीर रक्त विकारों से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को जीवित रहने के लिए हर कुछ सप्ताह में रक्त चढ़ाना पड़ता है। लगातार ब्लड ट्रांसफ्यूजन के कारण उनके शरीर में कई अन्य जटिलताएं भी पैदा हो जाती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मरीज को उपयुक्त HLA मैच वाला स्टेम सेल डोनर मिल जाए, तो बोन मैरो ट्रांसप्लांट के जरिए इस बीमारी का स्थायी उपचार संभव है।
इसी उद्देश्य से इस शिविर में मरीजों के साथ-साथ उनके भाई-बहनों, माता-पिता और निकट रिश्तेदारों की मुफ्त HLA टाइपिंग की जाएगी, ताकि संभावित स्टेम सेल डोनर की पहचान की जा सके। यदि परिवार में उपयुक्त डोनर नहीं मिलता है, तो स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री के माध्यम से भी डोनर तलाशने में सहायता मिलेगी।
मुफ्त HLA टाइपिंग से खुलेगा इलाज का रास्ता
HLA (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) टेस्ट बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इसी जांच के आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन व्यक्ति मरीज के लिए उपयुक्त डोनर बन सकता है। सामान्य परिस्थितियों में यह जांच काफी महंगी होती है, लेकिन इस शिविर में इसे पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सही डोनर मिलने से कई बच्चों को आजीवन रक्त चढ़ाने की आवश्यकता से मुक्ति मिल सकती है और वे सामान्य जीवन जी सकते हैं।
रियायती दरों पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा
शिविर के दौरान योग्य मरीजों का चिकित्सकीय मूल्यांकन भी किया जाएगा। जिन मरीजों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होगी, उन्हें रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों और उनके परिजनों को पूरी प्रक्रिया, सावधानियों, सफलता की संभावनाओं और उपचार से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां भी देंगे।
विशेषज्ञों ने लोगों से की आगे आने की अपील
शारदाकेयर-हेल्थसिटी के बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं हेमेटोलॉजी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में बच्चे थैलेसीमिया के कारण नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन पर निर्भर हैं। यदि समय पर सही स्टेम सेल डोनर मिल जाए तो बोन मैरो ट्रांसप्लांट उनके लिए स्थायी समाधान बन सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान का हिस्सा बनने और जरूरतमंद मरीजों की मदद करने की अपील की।
वहीं, ग्रुप सीईओ डॉ. कौसर शाह ने कहा कि भारत में मजबूत वॉलंटरी स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री तैयार करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। जितने अधिक लोग स्टेम सेल डोनर के रूप में पंजीकरण कराएंगे, उतनी ही अधिक संख्या में थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त रोगों से पीड़ित बच्चों को नया जीवन मिलने की संभावना बढ़ेगी।
जागरूकता के साथ सेवा का भी अभियान
आयोजकों का कहना है कि यह केवल एक मेडिकल कैंप नहीं बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी प्रयास है। अभी भी बड़ी संख्या में लोग थैलेसीमिया, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और स्टेम सेल डोनेशन के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं रखते। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि एक छोटा-सा कदम किसी बच्चे के पूरे जीवन को बदल सकता है।
अस्पताल प्रशासन ने सभी थैलेसीमिया, सिकल सेल डिजीज एवं अन्य रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे इस निःशुल्क शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय रहते विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त करें।
जीवन बचाने का सुनहरा अवसर
11 जुलाई को आयोजित होने वाला यह विशेष शिविर उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है, जो वर्षों से थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहे हैं। सही समय पर सही जांच, योग्य डोनर की पहचान और विशेषज्ञ उपचार हजारों बच्चों को नया जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

