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Thursday, July 9, 2026
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    Greater Noida Authority News : जलभराव पर ‘वार रूम’ मोड में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, CEO रवि कुमार एन.जी. का सख्त एक्शन, इकोटेक-3 में खुद मैदान में उतरे अफसर, मौके पर ही खुली पुलिया, शुरू हुआ स्थायी समाधान का अभियान, ACEO सुमित यादव के नेतृत्व में खुद मौके पर पहुँचे

    Greater Noida Authority in 'war room' mode on waterlogging, CEO Ravi Kumar N. G. Strict action, officers who came to the field in Ecotech-3, open bridge on the spot, campaign for permanent solution started, ACEO reached the spot under the leadership of Sumit Yadav

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
    इकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में लगातार हो रहे जलभराव ने उद्योगों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया था, लेकिन अब इस समस्या के समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर आया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एन.जी. के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बाद प्रशासनिक मशीनरी ने युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सुमित यादव के नेतृत्व और लगातार मॉनिटरिंग में वरिष्ठ अधिकारियों की पूरी टीम ने इकोटेक-3 का विस्तृत निरीक्षण किया और मौके पर ही तकनीकी निर्णय लेते हुए जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य शुरू करा दिया।

    बारिश के कारण कई औद्योगिक इकाइयों के बाहर पानी जमा होने से उत्पादन, माल की आवाजाही और कर्मचारियों के आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। उद्यमियों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने यह स्पष्ट कर दिया कि समस्या का समाधान केवल बैठकों या कागजी कार्रवाई से नहीं बल्कि मौके पर उतरकर किया जाएगा। इसी सोच के तहत बुधवार को अधिकारियों की टीम ने फील्ड में पहुंचकर पूरे क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया।

    महाप्रबंधक (परियोजना) आशीष कुमार सिंह, वर्क सर्किल के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर, मैनेजर प्रशांत कुमार तथा उनकी तकनीकी टीम ने इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के पदाधिकारियों के साथ लगभग ढाई घंटे तक इकोटेक-3 के विभिन्न हिस्सों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केवल जलभराव वाले स्थानों को देखने तक सीमित न रहकर जल निकासी की पूरी श्रृंखला का अध्ययन किया गया। टीम ने यह समझने का प्रयास किया कि पानी किस स्थान से जमा हो रहा है, किस दिशा में बह रहा है और अंतिम निकासी बिंदु तक पहुंचने में किन-किन जगहों पर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं।

    अधिकारियों ने डीएससी रोड से लेकर अंतिम ड्रेनेज आउटलेट तक नालों, ढलानों, पाइप लाइनों और जल प्रवाह की तकनीकी जांच की। इस दौरान यह सामने आया कि डीएससी रोड पर बनी एक पुलिया (कलवर्ट) पानी की निकासी में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। जैसे ही यह तथ्य सामने आया, महाप्रबंधक (परियोजना) आशीष कुमार सिंह ने बिना किसी देरी के मशीनरी, जेसीबी और कर्मचारियों को मौके पर बुला लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में ही पुलिया को खोलने, आवश्यकतानुसार चौड़ा और गहरा करने तथा जल प्रवाह को तेज करने का कार्य तत्काल शुरू करा दिया गया।

    प्राधिकरण की त्वरित कार्रवाई का असर कुछ ही समय में दिखाई देने लगा। जैसे-जैसे अवरोध हटाए गए, पानी की निकासी तेज होती गई और कई स्थानों पर जमा जल का स्तर तेजी से कम होने लगा। अधिकारियों ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और पूरे औद्योगिक क्षेत्र में जहां-जहां जल निकासी की बाधाएं मिलेंगी, उन्हें तत्काल हटाया जाएगा।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पंप, भारी मशीनरी, तकनीकी संसाधन और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक प्राधिकरण की टीमें लगातार फील्ड में रहकर निगरानी करेंगी और हर आवश्यक कदम उठाएंगी। उद्देश्य केवल अस्थायी राहत देना नहीं, बल्कि भविष्य में जलभराव की समस्या की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान तैयार करना है।

    इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के पदाधिकारियों और क्षेत्र के उद्यमियों ने प्राधिकरण की सक्रिय कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि अक्सर निरीक्षण तो होते हैं, लेकिन मौके पर ही निर्णय लेकर उसी समय मशीनरी लगाकर काम शुरू कराना परिणामोन्मुख प्रशासन की पहचान है। उन्होंने विशेष रूप से CEO रवि कुमार एन.जी. के दूरदर्शी निर्देशन, ACEO सुमित यादव के प्रभावी नेतृत्व, महाप्रबंधक आशीष कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर, मैनेजर प्रशांत कुमार और पूरी फील्ड टीम की तत्परता की प्रशंसा की।

    IBA ने कहा कि संगठन भविष्य में भी उद्यमियों की समस्याओं को मजबूती से उठाता रहेगा और जहां व्यवस्था में कमी होगी, वहां सुधार की मांग करेगा। साथ ही जो अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ उद्योगों की समस्याओं का समाधान करने में जुटे हैं, उनका सम्मान भी किया जाएगा।

    उद्यमियों ने विश्वास जताया कि यदि इसी गति और तकनीकी दृष्टिकोण से कार्य जारी रहा तो इकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र को जल्द ही जलभराव की गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या के पूर्ण समाधान तक इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन और उद्योग जगत प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाए रखेंगे, ताकि ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक विकास बिना किसी बाधा के आगे बढ़ता रहे।

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