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Monday, July 13, 2026
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    Noida News ; “मोमबत्तियों की रोशनी में उठा बड़ा सवाल!, प्रिंसली एस्टेट के हजारों निवासियों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन, बोले—‘कॉमन एरिया पर कब्जा नहीं, पारदर्शिता चाहिए’; AOA पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज”

    Peaceful protest of thousands of residents of Princely Estate, say - 'Common area not occupied, transparency is needed'; serious allegations against AOA, demand for fair investigation intensified

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    नोएडा, द न्यूज क्लिक।
    नोएडा के सेक्टर-76 स्थित अम्रपाली प्रिंसली एस्टेट में रविवार को एक अनोखा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सोसाइटी के सैकड़ों निवासियों ने कॉमन एरिया और स्टिल्ट क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण के विरोध में कैंडल मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जताई। हाथों में मोमबत्तियां और मन में पारदर्शिता की मांग लिए निवासी सोसाइटी परिसर में एकत्र हुए और यह संदेश दिया कि साझा संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि सोसाइटी के साझा क्षेत्रों की सुरक्षा, नियमों के पालन और प्रत्येक निवासी के समान अधिकारों की रक्षा करना था। प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों से निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

    मेंटेनेंस ऑफिस के बाहर जलाए दीप, उठाई अतिक्रमण हटाने की मांग

    कैंडल मार्च के दौरान बड़ी संख्या में निवासी उस मेंटेनेंस ऑफिस के बाहर पहुंचे, जिसके बारे में उनका आरोप है कि उसका निर्माण सार्वजनिक एवं स्टिल्ट क्षेत्र में कथित रूप से अवैध अतिक्रमण कर किया गया है। निवासियों ने कार्यालय के बाहर मोमबत्तियां जलाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया और मांग की कि कॉमन एरिया पर किए गए सभी अवैध निर्माण हटाए जाएं।

    प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि यदि साझा क्षेत्रों पर इस प्रकार के निर्माण को बढ़ावा दिया गया तो भविष्य में सोसाइटी के अन्य हिस्सों में भी अवैध कब्जों की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे पूरे परिसर की व्यवस्था प्रभावित होगी।

    “जो नियम लागू कराए, वही नियम तोड़े तो विश्वास कैसे बचेगा?”

    निवासियों ने कहा कि जिस संस्था का दायित्व सोसाइटी में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अवैध अतिक्रमण रोकना है, यदि वही सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण को बढ़ावा देगी तो इससे निवासियों का विश्वास कमजोर होगा।

    उनका कहना था कि किसी भी निर्माण से पहले नियमानुसार स्वीकृति, पारदर्शिता और सभी हितधारकों की जानकारी आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं होता तो यह सोसाइटी के लोकतांत्रिक ढांचे और सामुदायिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।

    AOA की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

    कैंडल मार्च के दौरान कई निवासियों ने अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि AOA लंबे समय से कई महत्वपूर्ण निर्णय बिना पर्याप्त जानकारी साझा किए ले रहा है।

    निवासियों के अनुसार—

    वित्तीय लेन-देन की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।

    ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है।

    किन एजेंसियों या व्यक्तियों को कार्य दिए जा रहे हैं, इसकी जानकारी अधिकांश निवासियों तक नहीं पहुंचती।

    महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में आम सदस्यों की भागीदारी सीमित रहती है।

    निवासियों का कहना है कि सोसाइटी का संचालन पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए ताकि प्रत्येक सदस्य को यह जानकारी रहे कि उसके रखरखाव शुल्क का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है।

    ऑडिट के आदेश का भी किया उल्लेख

    प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने यह भी बताया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप-पंजीयक (डिप्टी रजिस्ट्रार) कार्यालय द्वारा AOA के अभिलेखों और वित्तीय रिकॉर्ड के ऑडिट के आदेश जारी किए जा चुके हैं।

    निवासियों का मानना है कि निष्पक्ष ऑडिट से सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सकेगी।

    लोकतांत्रिक तरीके से अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प

    कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। निवासियों ने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और भविष्य में भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए केवल संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों का ही सहारा लेंगे।

    उन्होंने संबंधित प्राधिकरणों से अपील की कि कॉमन एरिया से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसे तत्काल दूर किया जाए तथा भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं और निवासियों के अधिकारों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनका उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था स्थापित करना है जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का समान रूप से पालन हो। उनका विश्वास है कि यदि समय रहते इस मामले का समाधान कर लिया गया तो भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सकेगा और सोसाइटी में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहेगा।

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