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Monday, July 13, 2026
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    Greater Noida: जनपद न्यायालय बना हरियाली का तीर्थ! ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशन ने मिलकर रोपे सैकड़ों पौधे

    Judges, advocates and bar associations jointly planted hundreds of saplings in the 'One Tree Mother's Name's Campaign'

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
    पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित भविष्य देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम-वृक्षारोपण महायज्ञ-2026” अभियान के तहत रविवार को जनपद न्यायालय गौतम बुद्ध नगर परिसर हरियाली के रंग में रंग गया। न्यायपालिका, अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है।

    रविवार सुबह लगभग 10 बजे जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण अभियान में न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों, अधिवक्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने अपने हाथों से पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जो आने वाले वर्षों में न केवल पर्यावरण को शुद्ध करेंगे बल्कि न्यायालय परिसर की सुंदरता भी बढ़ाएंगे।

    इस अवसर पर जनपद न्यायालय गौतम बुद्ध नगर के जिला जज अतुल श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय चंद्र प्रकाश तिवारी, पीठासीन अधिकारी एमएसीटी माननीय वात्सल्य श्रीवास्तव, अपर जिला जज प्रथम सुनील कुमार, पूर्व डीजीसी देवीशरण शर्मा सहित अनेक न्यायिक अधिकारियों ने पौधारोपण किया। न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी देखभाल भी करनी चाहिए।

    कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन गौतम बुद्ध नगर के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज भाटी (बोड़ाकी) और सचिव एडवोकेट शोभाराम चंदीला की विशेष भूमिका रही। दोनों पदाधिकारियों ने उपस्थित अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि मानव जीवन की आधारशिला हैं। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि वे न्यायालय परिसर के साथ-साथ अपने घरों और गांवों में भी अधिक से अधिक पौधे लगाकर इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं।

    कार्यक्रम में एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन जगदीश भाटी, बार के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र नागर, रामशरण नागर, पूर्व सचिव राव संजय भाटी, सरदार बंसल, ललित शर्मा, नीरज तंवर, धीरेंद्र भाटी, पूर्व डीजीसी देवी शरण शर्मा, श्याम सिंह चौधरी, इरशाद अली, सरदार सिंह लोहिया, रवीन्द्र बंसल, राजाराम शर्मा, देवेंद्र लोहिया, अमित राणा, रजत शर्मा, सुनील इमलिया, हरेंद्र खेड़ी, भूपेंद्र मंगल, राजीव भाटी, राहुल भाटी, अरुण भाटी (बोड़ाकी) सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

    वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि पृथ्वी को बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान एक विशाल जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

    कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी ताकि वे बड़े होकर समाज और पर्यावरण के लिए उपयोगी बन सकें। न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण करना है।

    “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि मां हमें जीवन देती है और वृक्ष पूरी मानवता को जीवन देते हैं। इसलिए मां के सम्मान में लगाया गया प्रत्येक पौधा प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। इस भावनात्मक संदेश ने कार्यक्रम को केवल पर्यावरणीय नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष बना दिया।

    इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समाज के सभी वर्ग इसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएंगे तो गौतम बुद्ध नगर ही नहीं, पूरा प्रदेश हरियाली से आच्छादित होकर स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनेगा। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ और पौधों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।

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