40.9 C
Greater Noida
Monday, July 13, 2026
More

    Noida 105 News : सरकारी संपत्ति पर ‘पोस्टर माफिया’ का कब्जा!, नोएडा सेक्टर-105 में बिजली पैनलों की बिगड़ती सूरत पर RWA का फूटा गुस्सा, दोषियों पर FIR और कड़ी कार्रवाई की उठी मांग, पोस्टर हटाने से पैनलों का पेंट हो रहा खराब

    'Poster mafia' occupies government property!, RWA's anger broke out over the deteriorating appearance of electricity panels in Noida sector-105, demand for FIR and strict action against the culprits, the paint of the panels is getting bad by removing the poster

    Must read

    नोएडा, द न्यूज क्लिक।
    नोएडा के सेक्टर-105 में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए लगाए गए आधुनिक विद्युत पैनलों पर अवैध पोस्टर और विज्ञापन चिपकाने की बढ़ती घटनाओं को लेकर सेक्टर-105 रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता को विस्तृत पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    RWA का कहना है कि सेक्टर में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक विद्युत पैनल केवल बिजली वितरण व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि शहर के स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्वपूर्ण अंग हैं। इसके बावजूद कुछ निजी संस्थाएं और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोग अपने प्रचार-प्रसार के लिए इन पैनलों को विज्ञापन बोर्ड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जगह-जगह बड़े-बड़े पोस्टर, बैनर और स्टीकर चिपकाकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

    पोस्टर हटाने से पैनलों का पेंट हो रहा खराब

    RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने अपने पत्र में बताया कि पोस्टर चिपकाने के बाद जब उन्हें हटाया जाता है तो उनके साथ विद्युत पैनलों का मूल पेंट भी उखड़ जाता है। इससे महंगे उपकरणों की बाहरी सतह खराब हो रही है और उनकी उम्र भी प्रभावित हो रही है। सरकारी धन से तैयार इन पैनलों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च का बोझ भी सरकारी खजाने पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह केवल सौंदर्यीकरण का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर अपराध है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

    तकनीकी कर्मचारियों के कार्य में भी आ रही बाधा

    RWA ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि विद्युत पैनलों पर बड़े-बड़े पोस्टर और स्टीकर लगे होने से बिजली विभाग के कर्मचारियों को संचालन और रखरखाव कार्य में परेशानी होती है। किसी आपातकालीन स्थिति में यदि फॉल्ट ठीक करना हो या बिजली आपूर्ति बहाल करनी हो तो इन पोस्टरों के कारण आवश्यक जानकारी और चेतावनी संकेत दिखाई नहीं देते।
    विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली से जुड़े उपकरणों पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत सामग्री चिपकाना सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है। इससे तकनीकी कार्य में देरी हो सकती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है।

    तस्वीरों के साथ भेजे गए सबूत

    RWA अध्यक्ष ने अपने पत्र के साथ कई तस्वीरें भी संलग्न की हैं, जिनमें विभिन्न निजी संस्थाओं, शिविरों और व्यावसायिक गतिविधियों के प्रचार वाले पोस्टर स्पष्ट रूप से विद्युत पैनलों पर चिपके दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि इन तस्वीरों के आधार पर संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान करना कठिन नहीं है।
    उन्होंने मुख्य अभियंता से आग्रह किया है कि इन साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने का साहस न कर सके।

    सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग

    दिव्य कृष्णात्रेय ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ ‘सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act)’ के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाए। उनका कहना है कि केवल पोस्टर हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कानून के अनुसार कार्रवाई होने से ही ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पूरे समाज की धरोहर होती है और इसकी सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती नहीं हुई तो स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को भी नुकसान पहुंचेगा।

    स्मार्ट सिटी की छवि पर भी पड़ रहा असर

    सेक्टर-105 के निवासी भी इस समस्या को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि एक ओर सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग निजी प्रचार के लिए सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि विद्युत विभाग और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा और सरकारी संपत्तियों को पोस्टरबाजी से मुक्त कराया जाएगा।

    नागरिकों से भी सहयोग की अपील

    RWA ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वे किसी सरकारी संपत्ति पर अवैध पोस्टर या विज्ञापन चिपकाते हुए किसी व्यक्ति या संस्था को देखें तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
    सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। यदि सभी मिलकर इस दिशा में प्रयास करें तो नोएडा को वास्तव में स्वच्छ, सुव्यवस्थित और स्मार्ट शहर बनाया जा सकता है।

    More articles

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Latest article