दिल्ली/ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा के लिए यह गर्व का क्षण रहा, जब विद्यालय के तीन प्रतिभाशाली छात्रों ने ‘वर्ल्ड इन्क्लूजन कॉन्फ्रेंस इंडिया 2026 (WIC 2026)’ में IFIP यूथ डेलीगेशन के सदस्य के रूप में स्कूल और देश का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल फोरम ऑफ इन्क्लूजन प्रैक्टिशनर्स (IFIP), यूके द्वारा आयोजित किया गया और नई दिल्ली के यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर), द्वारका में संपन्न हुआ।
यह सम्मेलन भारत में समावेशी शिक्षा और समान अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में आयोजित पहला तथा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा आयोजन माना गया। इसमें 50 से अधिक देशों के 200 से ज्यादा वैश्विक विशेषज्ञों, 2,000 से अधिक शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के प्रमुख सहयोगियों में QS, इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB), CISCE और ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी शामिल रहे।
रायन ग्रेटर नोएडा के तीन छात्रों ने बढ़ाया स्कूल का गौरव
रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा की ओर से शौर्य प्रताप सिंह, सुवीर ठाकुर और आकांक्षा ने IFIP यूथ डेलीगेशन में भाग लेकर समावेशी शिक्षा और वैश्विक नागरिकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। यूथ डेलीगेशन में देशभर के विभिन्न स्कूलों के छात्रों को एक साथ लाकर समावेशी कक्षाएं, समावेशी समुदाय, समावेशी भारत और वैश्विक नागरिकता जैसे चार प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा कराई गई। इन चर्चाओं के आधार पर “इन्क्लूजन 2026 यूथ डिक्लेरेशन” तैयार किया गया, जिसे औपचारिक रूप से यूनेस्को (UNESCO) के प्रतिनिधि के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
छात्रों ने अपने प्रदर्शन से छोड़ी विशेष छाप
सम्मेलन के दौरान सभी प्रतिनिधियों को अलग-अलग कार्य समूहों में शामिल किया गया ताकि वे देशभर के अन्य विद्यार्थियों के साथ मिलकर विचार-विमर्श कर सकें। इस दौरान शौर्य प्रताप सिंह ने बिना किसी पूर्व तैयारी के प्रभावशाली इम्प्रॉम्प्टू भाषण देकर सभी को प्रभावित किया। वहीं सुवीर ठाकुर को यूथ डिक्लेरेशन के महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक को मुख्य मंच से प्रस्तुत करने का अवसर मिला। आकांक्षा ने भी समूह चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अंतिम घोषणापत्र तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
देश-विदेश की प्रतिष्ठित हस्तियों की रही उपस्थिति
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, यूनेस्को एमजीआईईपी के निदेशक प्रो. ओबिजियोफोर एगिनाम, शिक्षा मंत्रालय में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आईएएस अधिकारी इरा सिंघल तथा IFIP के संस्थापक एवं CEO डैनियल सोबेल सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इन सभी ने समावेशी शिक्षा को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों के विचारों की सराहना की।
डॉ. स्नेहल पिंटो ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह
रायन इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. स्नेहल पिंटो, जो इस सम्मेलन की नेशनल एडवाइजरी काउंसिल की सदस्य भी हैं, ने पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों का मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक सोच विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि आज के युवा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

