दादरी, द न्यूज क्लिक। दादरी विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों को बेहतर स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों का विकास योजना के अंतर्गत क्षेत्र के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का विधिवत शिलान्यास दादरी विधानसभा के विधायक तेजपाल सिंह नागर ने किया। इस दौरान स्थानीय लोगों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने विकास कार्यों को क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। योजना के तहत ग्राम वाजिदपुर स्थित प्राचीन बेरी वाला मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए 117.47 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं ग्राम गुलावली स्थित श्री सिद्ध कुटी मंदिर के विकास कार्यों पर 71.69 लाख रुपये की लागत आएगी। दोनों परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत 189.16 लाख रुपये यानी करीब 1.89 करोड़ रुपये है।
इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद दोनों धार्मिक स्थलों का स्वरूप और अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों और धार्मिक यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी गति मिलने की संभावना है।
धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की पहल
दादरी विधानसभा क्षेत्र में कई ऐसे प्राचीन एवं धार्मिक स्थल हैं, जिनका स्थानीय समाज के बीच विशेष महत्व है। बेरी वाला मंदिर और श्री सिद्ध कुटी मंदिर भी श्रद्धा और आस्था के प्रमुख केंद्रों में शामिल हैं। लंबे समय से इन धार्मिक स्थलों के विकास और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों का विकास योजना के माध्यम से ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को विकसित करने का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि उन्हें श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक एवं आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। इसी क्रम में दादरी विधानसभा के दोनों धार्मिक स्थलों को विकास योजना में शामिल किया गया है।
विकास कार्यों के बाद मंदिर परिसरों में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिलने की उम्मीद है। इससे धार्मिक आयोजनों के दौरान भी लोगों को सुविधाएं मिल सकेंगी और इन स्थलों की पहचान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों के रूप में और मजबूत हो सकती है।
विधायक तेजपाल सिंह नागर ने कहा—संस्कृति और विकास दोनों पर जोर
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विधायक तेजपाल सिंह नागर ने कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में दादरी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों के साथ-साथ धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक विरासत से भी जुड़े होते हैं। ऐसे स्थलों का संरक्षण और विकास आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
विधायक ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर छोटे व्यापार, दुकानदारों, सेवा क्षेत्र और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है। उनका कहना है कि दादरी विधानसभा के सर्वांगीण विकास के साथ क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना भी प्राथमिकता है।
करीब 1.89 करोड़ रुपये की लागत से होंगे विकास कार्य
योजना के तहत स्वीकृत धनराशि के अनुसार—प्राचीन बेरी वाला मंदिर, ग्राम वाजिदपुर: ₹117.47 लाख की लागत से पर्यटन विकास कार्य।
- श्री सिद्ध कुटी मंदिर, ग्राम गुलावली: ₹71.69 लाख की लागत से विकास कार्य।
- दोनों परियोजनाओं की कुल लागत: ₹189.16 लाख यानी करीब ₹1.89 करोड़।
- योजना: मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों का विकास योजना।
- शिलान्यास: दादरी विधानसभा विधायक तेजपाल सिंह नागर।
- इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने के साथ उनके सौंदर्यीकरण और पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करना है।
स्थानीय लोगों में भी दिखा उत्साह
दोनों धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों के शिलान्यास को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन स्थानों की पहचान भी व्यापक स्तर पर बनेगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि धार्मिक स्थलों तक पहुंच, परिसर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं को बेहतर किया जाता है तो भविष्य में यहां धार्मिक आयोजनों और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। इससे आसपास के गांवों और स्थानीय बाजारों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में सुभाष चौहान, गिर्राज चौहान, श्यामसुंदर चौहान, सुधीर चौहान, राकेश शर्मा, बलवंत शर्मा, विनोद शर्मा, दीपक शर्मा, रविंद्र चौहान, सचिन चौहान, बाबू शर्मा, रोहताश शर्मा, बेगराज चौहान, चारणी चौहान, महेंद्र जी, धर्मेंद्र गिरी जी, मास्टर प्रेमचंद शर्मा जी, गोपाल शर्मा जी, जसवंत शर्मा जी, अनिल चपराना जी, सचिन चपराना जी, तेजपाल हरसाना जी, राकेश शर्मा जी, मास्टर ओंकार जी, रवि कसाना जी, भंवर सिंह जी एवं धनंजय भड़ाना जी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने धार्मिक स्थलों के विकास के लिए स्वीकृत परियोजनाओं का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे होंगे।
धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय विकास को भी मिलेगी गति
दादरी विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास को केवल मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। यदि आने वाले समय में इन स्थलों को अन्य पर्यटन सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाता है, तो दादरी क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन का एक नया सर्किट विकसित होने की संभावना बन सकती है। विकास कार्य पूरे होने के बाद प्राचीन बेरी वाला मंदिर और श्री सिद्ध कुटी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनेंगे। साथ ही इन धार्मिक स्थलों के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
दादरी विधानसभा में धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास की इस पहल से क्षेत्र में पर्यटन की नई संभावनाएं खुल सकती हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का स्वरूप और सुविधाएं यह तय करेंगी कि ये दोनों धार्मिक स्थल दादरी क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों के रूप में कितनी बड़ी पहचान बना पाते हैं।

