ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, वरिष्ठ प्रबंधन तथा प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को स्मरण करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण, नवाचार, तकनीकी दक्षता और जिम्मेदार नागरिकता के लिए प्रेरित करना रहा।
समारोह में संस्थान के वरिष्ठ नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान पंकज अग्रवाल, वाइस चेयरमैन, जी.एल. बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा/मथुरा क्षेत्र के वरिष्ठ नेतृत्व सहित निदेशक डॉ. मानस कुमार मिश्रा और डीन स्टूडेंट वेलफेयर महावीर सिंह नरूका समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षक उपस्थित रहे। संस्थान के नेतृत्व और शिक्षकों की मौजूदगी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।
प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की मौजूदगी बनी आकर्षण
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह को खास बनाने में जी.एल. बजाज के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की मौजूदगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में संस्थान के पूर्व छात्र सोनम चौधरी, आदित्य पंवार और पंकज के. बंसल ने विशेष अतिथि के रूप में सहभागिता की और विद्यार्थियों के साथ अपने पेशेवर अनुभव साझा किए। पूर्व छात्रों ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप स्वयं को लगातार विकसित करने, नए कौशल सीखने और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी ज्ञान के साथ नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, संचार कौशल और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति भी जरूरी है।
पूर्व छात्र सोनम चौधरी ने साझा किया प्रेरक सफर
समारोह में विशेष रूप से सोनम चौधरी की उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी रही। वह जी.एल. बजाज की बी.टेक सीएसई 2010 बैच की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के रूप में सेवाएं दी हैं और वर्तमान में अमेरिकन एक्सप्रेस में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। सोनम चौधरी ने अपने संबोधन में अपने पेशेवर सफर के अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, नेतृत्व, निरंतर सीखने और तकनीकी जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास बनाए रखने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और भविष्य की जरूरतों के अनुसार स्वयं को तैयार करने पर जोर दिया गया।
आदित्य पंवार और पंकज बंसल ने बताए करियर के गुर
समारोह में उपस्थित पूर्व छात्र आदित्य पंवार, बी.टेक आईटी 2011 बैच, ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने पेशेवर अनुभवों के आधार पर बताया कि करियर में सफलता के लिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में पंकज के. बंसल, बी.टेक सीएसई 2011 बैच, ने भी अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने बदलते वैश्विक कारोबारी वातावरण, तकनीकी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और पेशेवर विकास के लिए निरंतर कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर जोर दिया।
तीनों पूर्व छात्रों की अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियों ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि तकनीकी शिक्षा के आधार पर साइबर सिक्योरिटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस, ऊर्जा और अन्य उभरते क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर करियर बनाया जा सकता है।
स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों को याद करने का अवसर भी है। भारत की स्वतंत्रता असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। आज की युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह अपने ज्ञान, प्रतिभा और नवाचार के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि ज्ञान, तकनीक, नेतृत्व और जिम्मेदार सोच के माध्यम से युवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राष्ट्र की प्रगति के लिए शिक्षा और तकनीकी क्षमता को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है।
पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच मजबूत हुआ जुड़ाव
प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की मौजूदगी ने जी.एल. बजाज और उसके पूर्व छात्र समुदाय के बीच संबंधों को और मजबूत किया। विद्यार्थियों को अपने ही संस्थान से निकलकर विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में सफलता हासिल करने वाले प्रोफेशनल्स से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। पूर्व छात्रों के अनुभवों ने विद्यार्थियों को उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने, अपने करियर लक्ष्य निर्धारित करने और व्यावहारिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।
समारोह का समापन देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, पेशेवर उत्कृष्टता और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने के साथ उन्हें यह संदेश भी दिया कि देश की प्रगति में उनकी शिक्षा, कौशल, नवाचार और जिम्मेदार सोच की महत्वपूर्ण भूमिका है।

