नोएडा, द न्यूज क्लिक। जनपद गौतमबुद्धनगर के नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के निर्देशों के अनुपालन में नगरीय क्षेत्रों में लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य कार्यक्रम के अंतर्गत नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में आने वाले ग्राम ककराला ख्वासपुर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इस केंद्र को पोर्टल क्लीनिक के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आसपास के ग्रामीण एवं नगरीय आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके नजदीक ही प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं के लिए लोगों को दूर स्थित अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों का रुख न करना पड़े।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में पहल
नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ती आबादी को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता भी लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे में आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसे स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। प्राधिकरण के मुताबिक, नोएडा की जनता को समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और राज्य स्तर से संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए यह पहल की जा रही है। ग्राम ककराला ख्वासपुर में निर्माणाधीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसी व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा है।
12.200 x 9.150 मीटर में तैयार हो रहा वेलनेस सेंटर
निर्माणाधीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर को आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण के अनुसार यह Wellness Center 12.200 x 9.150 मीटर के क्षेत्र में निर्मित किया जा रहा है। केंद्र के भवन में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित विभिन्न आवश्यक सुविधाओं के लिए अलग-अलग स्थान उपलब्ध कराए गए हैं। इस वेलनेस सेंटर में ओपीडी रूम, वेलनेस रूम, डे-केयर रूम, वेटिंग एरिया और स्टाफ रूम आदि को शामिल किया गया है। इन सुविधाओं के कारण केंद्र पर आने वाले मरीजों के लिए व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी आवश्यक कार्यक्षेत्र तैयार किया जा रहा है।
सितंबर में पूरा होने का प्रस्ताव
प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार ककराला ख्वासपुर में निर्माणाधीन इस वेलनेस सेंटर का निर्माण कार्य सितंबर माह में पूर्ण कराए जाने का प्रस्तावित लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद इसके संचालन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग, गौतमबुद्धनगर द्वारा संभाली जाएगी। इसका अर्थ है कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर यहां स्वास्थ्य सेवाओं को शुरू किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों को केंद्र के संचालन के बाद अपने क्षेत्र में ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का मिलेगा लाभ
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना भी है। ऐसे केंद्रों के माध्यम से पात्र लोगों को शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने में सहायता मिल सकती है। इससे खासतौर पर उन परिवारों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। नोएडा क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरीकरण और आबादी के विस्तार के बीच स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ककराला ख्वासपुर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निर्माण इसी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है।
स्वास्थ्य विभाग करेगा केंद्र का संचालन
प्राधिकरण द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि निर्माणाधीन वेलनेस सेंटर का संचालन स्वास्थ्य विभाग, गौतमबुद्धनगर द्वारा किया जाएगा। इससे केंद्र को स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था से जोड़कर स्थानीय नागरिकों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। कुल मिलाकर ककराला ख्वासपुर में बन रहा आयुष्मान आरोग्य मंदिर आसपास के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। ओपीडी, वेलनेस रूम, डे-केयर, प्रतीक्षालय और स्टाफ रूम जैसी सुविधाओं के साथ तैयार हो रहा यह केंद्र स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित और सुलभ बनाने में मदद करेगा। सितंबर में निर्माण कार्य पूरा होने के प्रस्ताव के बाद अब लोगों की नजर इसके संचालन की अगली प्रक्रिया पर रहेगी। प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल नोएडा के नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

