नोएडा, द न्यूज क्लिक। देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विषय पर विचार गोष्ठी एवं ‘पटेल प्रेरणा’ स्मारिका विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं स्लम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके विचारों और आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा रहे। उन्होंने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में लौह पुरुष की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प, राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
30 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में सुनील भराला पर कोई दाग नहीं
कार्यक्रम के दौरान डॉ. महेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला के सार्वजनिक जीवन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग तीन दशक के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने के बावजूद सुनील भराला की छवि पर कोई दाग नहीं लगा है। डॉ. शर्मा ने कहा कि लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर अपनी साफ-सुथरी छवि बनाए रखना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि पंडित सुनील भराला ने लंबे समय से सामाजिक और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया है। सार्वजनिक जीवन में निरंतर सक्रिय रहते हुए समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद बनाए रखना और जनहित के विषयों को सामने रखना उनके कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में करीब 30 वर्ष तक बेदाग रहना किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसे सुनील भराला की निष्ठा, समर्पण और सार्वजनिक जीवन के प्रति प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए उनके योगदान की सराहना की।
सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रेरणा लेने की जरूरत
सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान पर प्रकाश डालते हुए डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश की विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत की एकता को मजबूत करने में सरदार पटेल ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनके सामने अनेक चुनौतियां थीं, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने देश को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन आज भी देशवासियों और विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, निर्णय क्षमता और दूरदर्शिता से सीख लेते हुए युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
डॉ. शर्मा ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। भाषा, संस्कृति, क्षेत्र और परंपराओं की विविधता के बावजूद देश को एक सूत्र में बांधने वाली भावना को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
सुनील भराला ने बताया सरदार पटेल का राष्ट्र निर्माण में योगदान
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण के दौर में देश के सामने अनेक चुनौतियां थीं। ऐसे समय में सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व के माध्यम से देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न रियासतों को भारत संघ में शामिल कराने में उनके योगदान को भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता ने मजबूत और एकीकृत भारत की नींव को मजबूती प्रदान की।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को केवल इतिहास पढ़ने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि महान राष्ट्र निर्माताओं के जीवन मूल्यों को अपने व्यवहार में भी उतारना चाहिए।
‘पटेल प्रेरणा’ स्मारिका का विमोचन
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण ‘पटेल प्रेरणा’ स्मारिका का विमोचन रहा। स्मारिका के माध्यम से सरदार पटेल के जीवन, उनके विचारों, राष्ट्रहित की अवधारणा तथा भारत की एकता और अखंडता के लिए उनके योगदान को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
आयोजकों के अनुसार स्मारिका का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को सरदार पटेल के विचारों से परिचित कराना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में जिन महापुरुषों ने निर्णायक भूमिका निभाई, उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वेवव्रत त्यागी ने की
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री परशुराम राष्ट्रीय शोध पीठ के राष्ट्रीय संयोजक वेवव्रत त्यागी ने की। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि वर्तमान भारत के लिए भी मार्गदर्शन का स्रोत है। उनके विचारों में राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और मजबूत प्रशासन की स्पष्ट झलक मिलती है।
भाजपा नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में भाजपा उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा भाजपा नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि देश की एकता और नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में निरंतर चलने वाला संकल्प है। सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान, उनकी कार्यशैली और उनके विचारों पर चर्चा के साथ-साथ वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर भी विचार रखे गए। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने और देश की एकता-अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
समारोह ने यह संदेश दिया कि एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से संभव है। सरदार पटेल की विरासत को याद करते हुए आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

