नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा प्राधिकरण से जुड़े ARC Outdoor Media Limited के खिलाफ 5 करोड़ रुपये के कथित फर्जी सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट के इस्तेमाल का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि मामला सामने आने के बावजूद संबंधित ठेकेदार को अब तक ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया और कार्रवाई में देरी की वजह क्या है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेकर नोएडा प्राधिकरण में कई बार आरटीआई दाखिल कीं और आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन उन्हें अपेक्षित जवाब नहीं मिला। उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए मामले में पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।
कई बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले को लेकर आईजीआरएस पर कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इनमें 40014126028381, 40014126024001, 40014126017637, 40014126013552 और 40014126009745 शामिल हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें अपनी शिकायत के समाधान के लिए कितनी बार आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज करनी पड़ेगी। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों और संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ता ने नोएडा प्राधिकरण के जीएम और वरिष्ठ प्रबंधक स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में निचले स्तर के अधिकारियों और जेई से संपर्क करने पर समस्याओं का समाधान नहीं होता, जबकि उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचने के बावजूद कार्रवाई में देरी होती है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय अन्य गतिविधियों में अधिक व्यस्त नजर आते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
GM ने फोन नहीं उठाया, वरिष्ठ प्रबंधक ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले में नोएडा प्राधिकरण के GM आरपी सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जीएम ने फोन नहीं उठाया और न ही एसएमएस का जवाब दिया। वहीं, संबंधित सीनियर मैनेजर की ओर से जवाब दिया गया कि ARC Outdoor Media Limited के खिलाफ अगले दो-तीन दिनों में कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने शिकायतकर्ता को बताया कि संबंधित फाइल पर प्राधिकरण स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और उच्च अधिकारियों की ओर से आवश्यक हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। कुछ औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
फाइल पर हस्ताक्षर के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें बताया गया है कि संबंधित फाइल को अधिकारी अपने स्तर से आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और एसीईओ स्तर से फाइल पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और केवल दो-तीन हस्ताक्षर शेष हैं। यदि अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी सही है तो अब सवाल यह है कि फाइल की शेष प्रक्रिया कब तक पूरी होगी और ARC Outdoor Media Limited के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
5 करोड़ के सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट की जांच का मामला
पूरे विवाद का केंद्र 5 करोड़ रुपये के कथित सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट की वैधता है। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि किसी निविदा या ठेके की प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था, तो संबंधित नियमों के तहत जिम्मेदारी तय करना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, इस मामले में किसी संस्था या व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले नोएडा प्राधिकरण की आधिकारिक जांच और दस्तावेजी रिकॉर्ड सामने आना जरूरी है।
अब कार्रवाई के साथ जवाब भी जरूरी
मामले में शिकायतकर्ता की मुख्य मांग है कि प्राधिकरण पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष तरीके से कराए और यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि कथित फर्जी सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट निविदा प्रक्रिया में कैसे स्वीकार हुआ और उसकी जांच किस स्तर पर की गई। अब देखने वाली बात होगी कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा दिए गए दो-तीन दिन के समय के भीतर ARC Outdoor Media Limited के खिलाफ वास्तव में क्या कार्रवाई होती है। साथ ही, प्राधिकरण को शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और आरटीआई के जवाब से जुड़े सवालों पर भी स्पष्ट स्थिति सामने रखनी होगी।
रफ़्तार टूडे का पक्ष: इस खबर में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों और संबंधित अधिकारी से प्राप्त प्रतिक्रिया पर आधारित हैं। ARC Outdoor Media Limited अथवा संबंधित अन्य अधिकारियों का विस्तृत पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

