ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
ग्रेटर नोएडा और आसपास के लाखों लोगों के लिए एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। लंबे समय से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, अब वह हकीकत का रूप लेने जा रही है। ग्रेटर नोएडा को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बहुप्रतीक्षित योजना पर तेजी से काम शुरू होने वाला है। इस परियोजना के तहत एक 105 मीटर चौड़ी हाईस्पीड सड़क बनाई जाएगी, जो ग्रेटर नोएडा, दादरी, हापुड़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलकर रख देगी।
सबसे खास बात यह है कि इस मेगा प्रोजेक्ट में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जमीन उपलब्ध कराएगा, जबकि सड़क निर्माण का जिम्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) संभालेगा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि लंबे समय से अटके हाईटेक सिटी विवाद के सुलझने के बाद अब जमीन उपलब्ध कराने का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है और इसी वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी चल रही है।
अब दिल्ली-एनसीआर से गंगा एक्सप्रेसवे तक मिलेगा सीधा सुपरफास्ट रास्ता
इस परियोजना के पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक यात्रा बेहद आसान और तेज हो जाएगी। अभी तक लोगों को कई अलग-अलग मार्गों और ट्रैफिक जाम से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन नई सड़क बनने के बाद सफर कम समय में पूरा हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का नया अध्याय साबित होगी। इससे लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्री, रियल एस्टेट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी जबरदस्त फायदा मिलेगा।
चरणों में तैयार होगी 105 मीटर चौड़ी मेगा सड़क
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो बड़े चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहला चरण: जुनपत से बील अकबरपुर तक
पहले चरण में लगभग 5.5 किलोमीटर लंबी सड़क तैयार की जाएगी, जो ग्रेटर नोएडा के जुनपत क्षेत्र से शुरू होकर दादरी क्षेत्र के बील अकबरपुर गांव तक जाएगी। यह सड़क आगे चलकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-34 से जुड़ेगी।
दूसरा चरण: हापुड़ बाइपास तक विस्तार
दूसरे चरण में इस सड़क को बील अकबरपुर से आगे बढ़ाकर हापुड़ बाइपास तक ले जाया जाएगा, जहां यह एनएच-9 से जुड़ेगी। इसके बाद सिंभावली के पास लोगों को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता मिल जाएगा।
दादरी और ग्रेटर नोएडा को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ दादरी और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को मिलने वाला है। दादरी पहले से ही एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और रेलवे हब के रूप में विकसित हो रहा है। वहीं ग्रेटर नोएडा तेजी से हाईटेक और लॉजिस्टिक्स सिटी बनता जा रहा है। नई सड़क बनने से—
ट्रैफिक दबाव कम होगा, भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी, नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच बेहतर होगी, उद्योगों को तेज परिवहन सुविधा मिलेगी
रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे
रेलवे टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स हब को मिलेगी नई ताकत
यह परियोजना केवल सड़क नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक रीढ़ मानी जा रही है। ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित—मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, रेलवे टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट हब, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को इससे जबरदस्त मजबूती मिलने वाली है।
2011 से फंसी थी योजना, अब जाकर खुला रास्ता
इस परियोजना की नींव कोई नई नहीं है। इसकी योजना पहली बार वर्ष 2011-12 में तैयार की गई थी। उस समय सड़क निर्माण के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च कर जमीन भी खरीदी गई थी, लेकिन भूमि विवादों और तकनीकी अड़चनों के चलते काम आगे नहीं बढ़ सका।
सबसे बड़ा विवाद हाईटेक सिटी परियोजना के तहत जमीन को लेकर था। बताया जाता है कि अंसल समूह और प्राधिकरण के बीच जमीन हस्तांतरण को लेकर लंबे समय तक विवाद चलता रहा। बाद में कंपनी द्वारा जमीन के बदले भुगतान की मांग किए जाने से मामला और उलझ गया था। अब यह विवाद सुलझने के बाद परियोजना ने दोबारा गति पकड़ ली है।
118 एकड़ जमीन की अभी और होगी जरूरत
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के मुताबिक, परियोजना के लिए काफी जमीन पहले से उपलब्ध है, लेकिन अभी करीब 118 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। इसके लिए खसरों की पहचान की जा रही है और जल्द अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि—
“हाईटेक सिटी का मामला सुलझने के बाद अब जमीन आसानी से मिल सकेगी और परियोजना तेजी से आगे बढ़ेगी।”
नोएडा एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे का बनेगा मेगा कनेक्शन
इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भविष्य में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच तेज और सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर से प्रयागराज, मेरठ, हापुड़, संभल और पश्चिमी यूपी के कई शहरों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
ग्रेटर नोएडा बनेगा उत्तर भारत का ट्रांसपोर्ट सुपरहब
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा केवल रिहायशी शहर नहीं रहेगा, बल्कि यह उत्तर भारत का बड़ा ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सुपरहब बन सकता है। गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली यह सड़क उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

