ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-2 में चल रहे ड्रेन लाइन निर्माण कार्य को लेकर एक बार फिर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ग्रेटर नोएडा के उपाध्यक्ष एवं आरडब्ल्यूए डेल्टा-2 के महासचिव आलोक नागर ने प्राधिकरण के सिविल विभाग, संबंधित ठेकेदार और टेक्निकल सुपरवाइजर पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
एक महीने बाद भी अधूरा पड़ा 300 मीटर का निर्माण कार्य
आलोक नागर ने बताया कि सेक्टर डेल्टा-2 के आई ब्लॉक में ड्रेन लाइन निर्माण कार्य पिछले एक माह से अधिक समय से चल रहा है, लेकिन अब तक लगभग 300 मीटर का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण की धीमी गति के कारण स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।
खुले मैनहोल बने हादसों का इंतजार
उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल पर कई मैनहोल बिना ढक्कन के खुले पड़े हैं। केवल औपचारिकता निभाने के लिए कमजोर बैरिकेडिंग की गई है, जो किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन खुले मैनहोलों को सुरक्षित नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

खुदाई में कई बार क्षतिग्रस्त हुई बिजली लाइन
आलोक नागर ने कहा कि ड्रेन निर्माण के दौरान कई बार एनपीसीएल की मुख्य बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते सेक्टरवासियों को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
झाड़ियों में छिपा खतरा, सांप-बिच्छू पहुंच रहे रिहायशी क्षेत्रों तक
उन्होंने बताया कि सेक्टर के अंदर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और घास उग चुकी हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्राधिकरण की ओर से सफाई नहीं कराई गई। इसके कारण सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी लोग चिंतित हैं।
कलाधाम हादसे के बाद भी नहीं चेता प्राधिकरण
आलोक नागर ने कहा कि हाल ही में कलाधाम सोसाइटी के पास खुले गड्ढे में डूबने से मासूम बच्चे की मौत जैसी दर्दनाक घटना सामने आने के बाद भी यदि प्राधिकरण और संबंधित अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं हैं, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डेल्टा-2 में भी किसी प्रकार का हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, संबंधित ठेकेदार और टेक्निकल सुपरवाइजर की होगी।
सीईओ NG रवि कुमार से की तत्काल कार्रवाई की मांग
आरडब्ल्यूए महासचिव ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) से मांग की है कि दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी खुले मैनहोलों पर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं, निर्माण स्थल पर सुरक्षित बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए, सेक्टर की झाड़ियों की तत्काल सफाई कराई जाए तथा ड्रेन लाइन निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर जल्द पूरा कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो सेक्टरवासी जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्राधिकरण प्रशासन की होगी।

