ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश, द न्यूज क्लिक। उच्च शिक्षा और अत्याधुनिक तकनीकी कौशल को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी IBM और गलगोटियास विश्वविद्यालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बिजनेस एनालिटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना, नवाचार को बढ़ावा देना तथा उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
AI और क्वांटम कंप्यूटिंग में मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण
इस रणनीतिक सहयोग के तहत विश्वविद्यालय में उद्योग-एकीकृत शिक्षा, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और भविष्य केंद्रित शैक्षणिक कार्यक्रमों को मजबूत किया जाएगा। छात्रों को IBM की अत्याधुनिक तकनीकों, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, प्रमाणन कार्यक्रमों और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। साथ ही विशेष पाठ्यक्रम, तकनीकी कार्यशालाएं, सेमिनार, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning) जैसी पहल भी शुरू की जाएंगी।
संयुक्त टेक्नोलॉजी लैब और आधुनिक लर्निंग इकोसिस्टम होगा विकसित
सहयोग के तहत दोनों संस्थान संयुक्त एवं सह-ब्रांडेड टेक्नोलॉजी लैब स्थापित करेंगे, जहां छात्र वास्तविक परियोजनाओं पर कार्य कर सकेंगे। इसके अलावा उद्योग विशेषज्ञों द्वारा संचालित प्रशिक्षण सत्र, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष लर्निंग पाथ और व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की गहन समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
नए युग के प्रोफेशनल कोर्स होंगे शुरू
इस साझेदारी के अंतर्गत गलगोटियास विश्वविद्यालय IBM के सहयोग से कई विशेष कार्यक्रम संचालित करेगा। इनमें क्वांटम कंप्यूटिंग विशेषज्ञता के साथ बी.टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग में बीसीए, बिजनेस एनालिटिक्स में बीबीए तथा बिजनेस एनालिटिक्स में एमबीए जैसे उद्योग उन्मुख पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को IBM डेवलपर स्किल्स नेटवर्क, इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्सवेयर, प्रमाणन (Certification) और विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए गाइडेड लर्निंग मॉड्यूल तक पहुंच मिलेगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
पाठ्यक्रम से लेकर रिसर्च तक मिलेगा उद्योग का सहयोग
यह साझेदारी केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फैकल्टी ओरिएंटेशन, प्रयोगशाला आधारित शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और एंटरप्राइज स्तर की तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग चुनौतियों के समाधान के लिए तैयार करना है।
क्या बोले गलगोटियास विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गैल्गोटिया
गलगोटियास विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गैल्गोटिया ने कहा कि IBM के साथ यह सहयोग विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे उद्योग-केंद्रित उत्कृष्टता केंद्रों, तकनीकी साझेदारियों और नवाचार प्लेटफॉर्म के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय ने एल एंड टी एडुटेक के सहयोग से भारत के पहले एडवांस्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल एक्सीलेंस सेंटर का शुभारंभ किया, 247VC के साथ स्टार्टअप एवं उद्यमिता साझेदारी की घोषणा की और अब IBM के साथ यह रणनीतिक सहयोग किया है। ये सभी पहल इस बात का प्रमाण हैं कि उच्च शिक्षा अब उद्योग, स्टार्टअप, अनुसंधान और उभरती तकनीकों के साथ गहराई से जुड़ रही है।
डॉ. गैल्गोटिया ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत से ही उद्योग के लिए तैयार, नवाचार आधारित और वैश्विक दृष्टिकोण वाला बनाना है। ऐसे सहयोग छात्रों को कक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप और वास्तविक समस्याओं के समाधान के बीच मजबूत सेतु प्रदान करते हैं।
वैश्विक साझेदारियों से मजबूत हो रहा नवाचार इकोसिस्टम
विश्वविद्यालय ने बताया कि IBM के साथ यह नई साझेदारी उसके नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत करेगी। वर्तमान में गलगोटियास विश्वविद्यालय Apple, Infosys, Intel, Cisco, Tata Technologies, L&T EduTech, Capgemini और Salesforce जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ विभिन्न तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग कर रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से विश्वविद्यालय अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, बहु-विषयक अनुसंधान और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा दे रहा है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस प्रकार के सहयोग भारत के युवाओं को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और देश में नवाचार आधारित शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

