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Friday, September 18, 2026
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    BAUMA CONEXPO INDIA 2026 : ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ BAUMA CONEXPO INDIA 2026, 1100 से अधिक प्रदर्शकों के साथ जुटा ग्लोबल कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री का बाजार, 14.5 लाख वर्गफुट क्षेत्र में लगा आठवां संस्करण

    मेस्से मुएनचेन के प्रेसिडेंट-आईएमईए और मेस्से मुएनचेन इंडिया के सीईओ भूपिंदर सिंह ने कहा कि इस संस्करण को मिल रही प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि बाजार निवेश के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कंपनियां अपनी विकास योजनाओं के साथ प्रदर्शनी में पहुंची हैं, जबकि खरीदार अपनी परियोजनाओं की समयसीमा और वास्तविक जरूरतों के साथ मशीनरी का आकलन कर रहे हैं। उनके अनुसार प्रदर्शनी की भूमिका कंपनियों और खरीदारों को एक मंच पर लाने तथा शुरुआती जानकारी से लेकर निवेश संबंधी निर्णय तक की प्रक्रिया को आसान बनाने की है।

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    100 से अधिक देशों से 75 हजार से ज्यादा विजिटर्स पहुंचने की उम्मीद, मशीनों की उत्पादकता से लेकर सर्विस और स्पेयर पार्ट्स तक पर खरीदारों की नजर

    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक । ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में मंगलवार से देश के प्रमुख कंस्ट्रक्शन और माइनिंग इक्विपमेंट शो BAUMA CONEXPO INDIA 2026 की शुरुआत हो गई। चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में निर्माण, खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर और हैवी इक्विपमेंट उद्योग से जुड़े देश-विदेश के प्रमुख निर्माता, कॉन्ट्रैक्टर, फ्लीट ऑपरेटर, निवेशक और विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे हैं।

    प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर सरकार, उद्योग जगत, विदेशी राजनयिक मिशनों और इंफ्रास्ट्रक्चर संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। उद्घाटन समारोह में मेस्से मुएनचेन ग्रुप के सीईओ स्टीफन रुमेल, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह, भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली और जर्मनी के संघीय गणराज्य के दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन जॉर्ज एंजवाइलर समेत उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    14.5 लाख वर्गफुट में 1100 से अधिक प्रदर्शक

    BAUMA CONEXPO INDIA का यह आठवां संस्करण पूरी तरह बुक हो चुका है। इस बार करीब 14.5 लाख वर्गफुट प्रदर्शनी क्षेत्र में 1,100 से अधिक प्रदर्शक अपनी मशीनरी, तकनीक और समाधान पेश कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार 18 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में 100 से अधिक देशों से 75 हजार से ज्यादा विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है। प्रदर्शनी का पैमाना यह बताता है कि भारत का कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार अब वैश्विक कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण कारोबारी अवसर बन चुका है।

    कंपनियों और खरीदारों के बीच सीधे कारोबार पर फोकस

    प्रदर्शनी के पहले दिन मशीन और उपकरण निर्माता कंपनियों को कॉन्ट्रैक्टर्स, फ्लीट मालिकों, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और संस्थागत खरीदारों से सीधे बातचीत का अवसर मिला। खरीदार आने वाली परियोजनाओं के लिए नई मशीनरी देखने के साथ अपने मौजूदा फ्लीट को विस्तार देने और पुराने उपकरणों को बदलने के विकल्प भी तलाश रहे हैं। यहां बातचीत केवल मशीन की कीमत या तकनीकी स्पेसिफिकेशन तक सीमित नहीं है। खरीदार इस बात का आकलन कर रहे हैं कि कोई मशीन एक शिफ्ट में कितनी उत्पादकता दे सकती है, उसका ईंधन खर्च कितना होगा और कठिन परिस्थितियों में वह कितनी लगातार और भरोसेमंद तरीके से काम कर सकती है।

    इसके अलावा मेंटेनेंस लागत, सर्विस नेटवर्क, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और तकनीकी सहायता भी मशीन खरीदने के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    “बाजार निवेश के लिए तैयार”

    मेस्से मुएनचेन के प्रेसिडेंट-आईएमईए और मेस्से मुएनचेन इंडिया के सीईओ भूपिंदर सिंह ने कहा कि इस संस्करण को मिल रही प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि बाजार निवेश के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कंपनियां अपनी विकास योजनाओं के साथ प्रदर्शनी में पहुंची हैं, जबकि खरीदार अपनी परियोजनाओं की समयसीमा और वास्तविक जरूरतों के साथ मशीनरी का आकलन कर रहे हैं। उनके अनुसार प्रदर्शनी की भूमिका कंपनियों और खरीदारों को एक मंच पर लाने तथा शुरुआती जानकारी से लेकर निवेश संबंधी निर्णय तक की प्रक्रिया को आसान बनाने की है।

    तकनीक, उत्पादकता और पर्यावरण-अनुकूल मशीनों पर जोर

    इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट दीपक शेट्टी ने कहा कि भारतीय कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट उद्योग तेजी से बदल रहा है। ग्राहकों की जरूरतों में बदलाव के साथ बेहतर प्रदर्शन, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल मशीनों की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ग्राहक अब ऐसी मशीनरी चाहते हैं जो अधिक उत्पादक और कुशल होने के साथ कठिन परिस्थितियों में भरोसेमंद प्रदर्शन दे, डिजिटल तकनीक से लैस हो तथा सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी आवश्यकताओं को भी बेहतर तरीके से पूरा करे।

    उनके मुताबिक भारतीय निर्माता इन जरूरतों को पूरा करने के लिए इनोवेशन, इंजीनियरिंग और देश में ही निर्माण क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। BAUMA CONEXPO INDIA ऐसे समाधानों को बाजार के सामने लाने का महत्वपूर्ण मंच है और इससे घरेलू बाजार के साथ निर्यात की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिल सकता है।

    कॉन्ट्रैक्टर मशीन खरीदने से पहले पूछ रहे ये सवाल

    बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट रविंद्र त्यागी ने कहा कि कॉन्ट्रैक्टर के लिए मशीन खरीदने का फैसला केवल उसकी कीमत या तकनीकी क्षमता पर निर्भर नहीं करता। उनके मुताबिक खरीदार यह जानना चाहते हैं कि मशीन एक शिफ्ट में कितना काम करेगी, लगातार कितनी विश्वसनीयता से चलेगी, स्पेयर पार्ट्स कितनी जल्दी मिलेंगे और जरूरत पड़ने पर सर्विस टीम कितनी तेजी से सहायता उपलब्ध करा पाएगी।

    प्रदर्शनी कॉन्ट्रैक्टर्स को अलग-अलग निर्माताओं की मशीनों को एक ही स्थान पर देखने और अपनी साइट की वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार उनकी तुलना करने का अवसर दे रही है।

    वास्तविक साइट की परिस्थितियों पर मशीनों का आकलन

    भारत में सड़क, रेलवे, मेट्रो, खनन, औद्योगिक परियोजनाओं और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने ऐसी मशीनरी की मांग बढ़ाई है, जो लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में काम कर सके। इसी वजह से प्रदर्शनी में मशीनों की तकनीकी खूबियों के साथ उनके वास्तविक उपयोग पर भी चर्चा हो रही है। प्रोजेक्ट और खरीद टीमें मशीन की उत्पादकता, ईंधन दक्षता, अपटाइम, मेंटेनेंस और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट जैसे पहलुओं का आकलन कर रही हैं।

    एक ही स्थान पर अलग-अलग ब्रांड और मशीनें उपलब्ध होने से खरीदारों को अपनी परियोजना के क्षेत्र, मिट्टी, काम की प्रकृति, समयसीमा और फ्लीट की जरूरतों के अनुसार विकल्पों की तुलना करने का अवसर मिल रहा है।

    सप्लायर के सर्विस नेटवर्क की भी परीक्षा

    मशीनरी का प्रदर्शन निवेश निर्णय का सिर्फ एक हिस्सा है। कॉन्ट्रैक्टर यह भी देख रहे हैं कि संबंधित निर्माता या सप्लायर के पास कितना मजबूत सर्विस नेटवर्क है और खराबी की स्थिति में तकनीकी सहायता कितनी जल्दी मिल सकती है। स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता, प्रशिक्षित सर्विस इंजीनियर, मेंटेनेंस सपोर्ट और मशीन के पूरे लाइफसाइकिल में कंपनी की सहायता जैसे मुद्दे भी खरीदारों की बातचीत का हिस्सा बने हुए हैं।

    बिहार बना स्टेट पार्टनर, निवेश के अवसरों पर जोर

    बिहार सरकार इस संस्करण में स्टेट पार्टनर के रूप में भाग ले रही है। राज्य सरकार प्रदर्शनी के माध्यम से कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध निवेश और कारोबारी अवसरों को उपकरण निर्माताओं और निवेशकों के सामने रख रही है। आयोजकों के अनुसार चार दिनों के दौरान 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खरीदारों के प्रतिनिधिमंडल आने की उम्मीद है। ये प्रतिनिधिमंडल नई परियोजनाओं, फ्लीट विस्तार, तकनीकी अपग्रेड और पुराने उपकरणों को बदलने जैसी जरूरतों के साथ प्रदर्शनी में पहुंच रहे हैं।

    इससे निर्माताओं को अलग-अलग राज्यों और भौगोलिक क्षेत्रों में मशीनरी की बदलती जरूरतों को समझने का अवसर भी मिलेगा। BAUMA CONEXPO INDIA 2026 का पहला दिन इस लिहाज से महत्वपूर्ण रहा कि यहां मशीनों के प्रदर्शन के साथ वास्तविक कारोबारी जरूरतों पर चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में नई मशीनों की लॉन्चिंग, तकनीकी प्रदर्शन, खरीदारों और निर्माताओं की कारोबारी बैठकें तथा नए प्रोजेक्ट्स के लिए उपकरणों के चयन से जुड़ी गतिविधियां प्रदर्शनी को और महत्वपूर्ण बना सकती हैं।

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