कुछ मीडिया प्रतिनिधियों ने PR व्यवस्था पर जताई आपत्ति, आयोजकों और संबंधित PR टीम से आमंत्रण व मीडिया किट वितरण की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग
ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। दिल्ली-एनसीआर में बड़े कॉरपोरेट और औद्योगिक आयोजनों के दौरान मीडिया आमंत्रण और PR व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। ग्रेटर नोएडा के India Expo Centre & Mart में 15 से 18 सितंबर 2026 तक आयोजित bauma CONEXPO INDIA 2026 से जुड़े कुछ मीडिया प्रतिनिधियों ने आमंत्रण तथा कथित गिफ्ट/मीडिया किट वितरण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह आयोजन निर्माण मशीनरी, बिल्डिंग मटेरियल मशीनों, खनन मशीनों और निर्माण वाहनों से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला था।
मीडिया से जुड़े कुछ लोगों का आरोप है कि छोटे समाचार चैनलों, स्थानीय पोर्टलों और अन्य मीडिया संस्थानों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया, लेकिन आमंत्रण के बाद उपलब्ध कराई जाने वाली मीडिया किट या गिफ्ट को लेकर सभी के साथ समान प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना आवश्यक है।
मीडिया प्रतिनिधियों की मांग है कि आयोजक संस्था और संबंधित PR टीम स्पष्ट करें कि मीडिया आमंत्रण किस आधार पर जारी किए गए, मीडिया किट या गिफ्ट की व्यवस्था क्या थी और उनके वितरण के लिए कौन-सी प्रक्रिया निर्धारित थी। यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसके तथ्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए। वहीं, यदि लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं तो PR एजेंसी और आयोजकों को अपना पक्ष स्पष्ट करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
मीडिया आमंत्रण की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग
बड़े आयोजनों में मीडिया कवरेज और पत्रकारों के साथ समन्वय के लिए स्पष्ट व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है। bauma CONEXPO INDIA की आधिकारिक वेबसाइट पर पत्रकारों के लिए अलग मीडिया एक्रिडिटेशन व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी तथा मीडिया एंगेजमेंट से संबंधित संपर्क विवरण भी जारी किए गए थे।
इसी संदर्भ में कुछ मीडिया प्रतिनिधियों का कहना है कि आमंत्रण, एक्रिडिटेशन, मीडिया किट और किसी भी प्रकार की सामग्री के वितरण को लेकर पहले से स्पष्ट नियम होने चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की गलतफहमी या विवाद की स्थिति पैदा न हो।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी
इस मामले में मंसूरी लियाकत और ‘नित्य संदेश’ से जुड़े PR कार्यों को लेकर भी कुछ लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति पर गिफ्ट अपने पास रखने, मीडिया को गुमराह करने या किसी संगठित अनियमितता में शामिल होने जैसे आरोपों को प्रमाण के बिना तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
ऐसे में निष्पक्ष स्थिति यही होगी कि संबंधित आयोजक, PR टीम और जिन लोगों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका पक्ष भी सामने आए। यदि आमंत्रण और वितरण की कोई निर्धारित सूची, नीति या रिकॉर्ड उपलब्ध है तो उसे स्पष्ट किए जाने से विवाद की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
मीडिया प्रतिनिधियों का कहना है कि छोटे और बड़े सभी समाचार संस्थानों के साथ समान व्यवहार तथा आमंत्रण एवं मीडिया सुविधाओं की स्पष्ट प्रक्रिया से PR एजेंसियों और मीडिया संस्थानों के बीच विश्वास और पेशेवर संबंध मजबूत होंगे।

