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Wednesday, August 19, 2026
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    Breaking News : ग्रेटर नोएडा में बड़ा हादसा टला! गामा-1 और बीटा-1 के बीच 60 मीटर रोड का नाला ध्वस्त, एक्टिव सिटीज़न टीम ने प्राधिकरण पर उठाए सवाल

    Big accident in Greater Noida! 60 metre road drain between Gamma-1 and Beta-1 demolished, active citizen team questions authority

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा के गामा-1 और बीटा-1 सेक्टर के बीच स्थित 60 मीटर रोड पर नाले का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई। स्थानीय लोगों और एक्टिव सिटीज़न टीम ने इसे प्राधिकरण की लापरवाही का परिणाम बताते हुए तत्काल मरम्मत और सुरक्षा उपायों की मांग की है।

    एक्टिव सिटीज़न टीम के सदस्य हरेन्द्र भाटी ने बताया कि पिछले लगभग पांच वर्षों से वह लगातार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को शहर के जर्जर और टूटे हुए नालों की मरम्मत कराने तथा उन पर मजबूत ढक्कन लगाने की मांग करते आ रहे हैं। कई बार शिकायत और फोन के माध्यम से अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    उन्होंने कहा कि शहर के कई स्थानों पर नालों की दीवारें और स्लैब टूट चुके हैं। इन खुले और क्षतिग्रस्त नालों में आए दिन पशु और लोग गिरते रहते हैं। बरसात के मौसम में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में किसी की जान भी जा सकती है।

    हरेन्द्र भाटी ने सवाल उठाया कि प्रत्येक सेक्टर में तैनात सुपरवाइजर, टेक्निकल स्टाफ, सहायक प्रबंधक, प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन क्यों नहीं कर रहे हैं। नियमित शिकायतों के बावजूद यदि कार्य नहीं हो रहे हैं, तो इसके लिए जवाबदेही किसकी होगी?

    उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO), अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO), महाप्रबंधक (GM) और उप महाप्रबंधक (DGM) से स्वयं शहर के सेक्टरों और गांवों का स्थलीय निरीक्षण करने की अपील की। उनका कहना है कि केवल कार्यालयों में बैठकर समीक्षा करने के बजाय अधिकारियों को जमीनी स्थिति का आकलन करना चाहिए, ताकि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

    एक्टिव सिटीज़न टीम ने मांग की है कि शहर के सभी जर्जर नालों का सर्वे कराकर उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए, खुले नालों पर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

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