ग्रेटर नोएडा/नई दिल्ली, द न्यूज क्लिक। आधुनिक शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं रह गई है। आज के दौर में विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा के कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 11 जुलाई को लॉयड कॉलेज में एक विशेष शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों से रूबरू कराना था, ताकि वे पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें।

विद्यालय के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और जिज्ञासा के साथ इस शैक्षिक भ्रमण में भाग लिया। भ्रमण के दौरान उन्हें विज्ञान और तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवीनतम नवाचारों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग, उनके भविष्य और रोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने बढ़ाई विद्यार्थियों की जिज्ञासा
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया, जहां उन्हें अपराधों की वैज्ञानिक जांच में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों और उपकरणों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार फिंगरप्रिंट, डीएनए विश्लेषण, डिजिटल फॉरेंसिक और अन्य वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से अपराधों की गुत्थियों को सुलझाया जाता है।
विद्यार्थियों ने इस दौरान कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और व्यावहारिक तरीके से उत्तर दिया। इससे छात्रों में फॉरेंसिक विज्ञान के प्रति विशेष रुचि देखने को मिली।
ड्रोन तकनीक और लिथियम बैटरी के बारे में मिली महत्वपूर्ण जानकारी
शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को ड्रोन प्रौद्योगिकी की कार्यप्रणाली, उसके विभिन्न उपयोगों तथा भविष्य में उसके बढ़ते महत्व के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कृषि, रक्षा, आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण, फोटोग्राफी और लॉजिस्टिक्स जैसे अनेक क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक तेजी से अपनी भूमिका मजबूत कर रही है।
इसके साथ ही विद्यार्थियों ने लिथियम बैटरी निर्माण एवं उपयोग से संबंधित आधुनिक तकनीकों को भी समझा। विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा भंडारण प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण में लिथियम बैटरियों की बढ़ती उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की।
वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के प्रति बढ़ी रुचि
इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं मिली, बल्कि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने का भी प्रयास किया गया। आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और प्रयोगशालाओं को करीब से देखने के बाद विद्यार्थियों ने भविष्य में विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की संभावनाओं को लेकर भी अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।
विद्यालय का मानना है कि इस प्रकार के अनुभव विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों को समझने और नवाचार की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रधानाचार्या रेनू सहगल ने बताया शिक्षा का नया स्वरूप
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रेनू सहगल ने कहा कि ऐसे शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि केवल पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक प्रयोगशालाओं और आधुनिक तकनीकों से जोड़ना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कक्षा में पढ़ाई गई अवधारणाओं को जब विद्यार्थी व्यवहारिक रूप में देखते और समझते हैं, तो उनकी समझ और अधिक मजबूत होती है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।
विद्यालय प्रशासन ने भी इस सफल शैक्षिक भ्रमण के लिए लॉयड कॉलेज के विशेषज्ञों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

