ग्रेटर नोएडा वेस्ट, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए इस वर्ष नवरात्र और दशहरे का उत्सव बेहद खास होने जा रहा है। सेक्टर इकोटेक-12 की कमर्शियल बेल्ट में पहली बार प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट की ओर से भव्य एवं आधुनिक रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 10 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 15 दिवसीय आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
‘राम लौट रहे हैं’ होगी रामलीला की थीम
रामलीला महोत्सव की तैयारियों को लेकर रविवार को गौड़ सिटी-2 स्थित सर्वोदय अस्पताल में ट्रस्ट की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस बार रामलीला को केवल मंच पर होने वाले पारंपरिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे एक बड़े सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन के लिए करीब 50 बीघा भूमि का उपयोग किया जाएगा, जहां रामलीला मंचन के साथ दर्शकों के लिए विभिन्न गतिविधियों और मनोरंजन की व्यवस्थाएं भी होंगी।
प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक यादव ने बताया कि इस वर्ष रामलीला महोत्सव की थीम ‘राम लौट रहे हैं’ रखी गई है। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में परिवार, युवा और बच्चे निवास करते हैं। ऐसे में प्रयास है कि प्रभु श्रीराम की शाश्वत कथा को आधुनिक मंचन, तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। उन्होंने बताया कि 10 से 24 अक्टूबर तक चलने वाले महोत्सव में मुंबई के जाने-माने कलाकारों के साथ स्थानीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोग भी रामायण के पात्रों का अभिनय करते नजर आएंगे। आयोजन को लेकर ट्रस्ट की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। रामलीला महोत्सव से पहले 23 अगस्त 2026 को सेक्टर इकोटेक-12 कमर्शियल बेल्ट में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद आयोजन स्थल को भव्य रूप देने का काम तेज किया जाएगा।
60×60 फीट का भव्य राम मंदिर बनेगा आकर्षण
ट्रस्ट के महासचिव देव मिश्रा ने बताया कि रामलीला महोत्सव परिसर में 60×60 फीट का भव्य राम मंदिर स्थापित किया जाएगा। मंदिर को विशेष क्रोम फिनिशिंग के साथ तैयार किया जाएगा और इसमें करीब पांच से छह फीट ऊंची रामलला की प्रतिमा विराजमान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण कोलकाता के कलाकारों द्वारा किया जाएगा। इसके निर्माण में 700 से अधिक बांस का इस्तेमाल किया जाएगा। रामलला की करीब छह फीट ऊंची प्रतिमा अयोध्या से लाए जाने की योजना है, जिसके बाद विधि-विधान के साथ मंदिर में प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। ट्रस्ट के मुताबिक यह मंदिर महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगा और यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव मिलेगा।
रोजाना 40 से 50 हजार दर्शकों के पहुंचने का अनुमान
आयोजकों ने बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन करीब 40 से 50 हजार दर्शकों के पहुंचने का अनुमान है। बड़ी संख्या में लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन स्थल पर 100 से अधिक सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाने की योजना है। इसके अलावा ट्रस्ट की टीम भी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस, गौतमबुद्धनगर पुलिस, फायर विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहयोग की योजना बनाई गई है। आयोजन स्थल पर ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
80 फीट का रावण और 75 फीट के कुंभकरण-मेघनाद के पुतले
दशहरे के अवसर पर रामलीला महोत्सव में भव्य पुतला दहन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसके साथ ही 75 फीट ऊंचे कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजकों का कहना है कि दशहरे के दिन होने वाला पुतला दहन कार्यक्रम महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा। इसके लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना है।
रामलीला के मंच पर कारोबारी, इंजीनियर और मॉडल भी निभाएंगे किरदार
मीडिया प्रभारी हर्षिता सिंह ने बताया कि इस रामलीला की सबसे खास बात यह है कि इसमें अभिनय करने वाले कई कलाकार पारंपरिक पेशेवर कलाकार नहीं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत कारोबारी और प्रोफेशनल हैं। इनमें कोई सिविल इंजीनियर है, कोई बिजनेसमैन, कोई मॉडल और कोई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर। इनके साथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार भी मंच पर नजर आएंगे।
दशरथ का किरदार निभाने वाले पंकज शर्मा पेशे से सिविल इंजीनियर हैं और पिछले करीब 35 वर्षों से रामलीला में विभिन्न भूमिकाएं निभाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि रामलीला से उनका जुड़ाव लंबे समय से है और इस बार ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़े स्तर पर होने वाले आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए विशेष अनुभव होगा।
वहीं राम का किरदार हर्ष निभाएंगे, जो पेशे से कारोबारी हैं। इसी तरह सीता का किरदार तान्या अरोरा निभाएंगी। तान्या बिजनेस से जुड़ी होने के साथ मॉडल और कथक डांसर भी हैं। उनका गारमेंट्स का कारोबार है। आयोजकों के मुताबिक अभिनय, नृत्य और मंचीय अनुभव का यह मेल रामलीला की प्रस्तुतियों को और प्रभावी बनाएगा। लक्ष्मण की भूमिका गर्व निभाएंगे, जो पानी के कारोबार से जुड़े हैं। वहीं हनुमान का किरदार मोहित शर्मा निभाएंगे। मोहित शर्मा गुड़गांव मेट्रो में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। रामलीला में रावण की भूमिका नीटू निभाएंगे। वे साउथ इंडिया की फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं और कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनके अनुभव का लाभ रामलीला के मंचन में मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक महोत्सव का रूप
प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट का कहना है कि आयोजन का उद्देश्य केवल रामलीला का मंचन करना नहीं, बल्कि परिवारों, युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं रामायण के मूल्यों से जोड़ना है। 15 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में दर्शकों को रामायण की कथा के साथ विभिन्न सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियों का अनुभव मिलेगा। आयोजकों के अनुसार रामायण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, त्याग, परिवार, नेतृत्व, साहस और कर्तव्य जैसे मूल्यों की सीख देती है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए रामलीला को आधुनिक प्रस्तुति के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पहली बार इतने बड़े स्तर पर होने जा रहे इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता है। अब देखना होगा कि 10 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह 15 दिवसीय रामलीला महोत्सव दर्शकों को किस तरह का अनुभव देता है और क्या यह आयोजन ग्रेटर नोएडा वेस्ट को दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख रामलीला आयोजनों की सूची में एक नई पहचान दिला पाता है।

