नोएडा, द न्यूज क्लिक। उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी और “नो पावर कट ज़ोन” के रूप में पहचाने जाने वाले नोएडा में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और जर्जर विद्युत व्यवस्था को लेकर नागरिकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर नोएडा सिटीजन फोरम (NCF) की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने यूपीपीसीएल/पीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन के साथ औपचारिक बैठक कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और शहर की बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि नोएडा के विभिन्न सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों, आवासीय सोसायटियों और ग्रामीण इलाकों में लगातार अघोषित बिजली कटौती, बार-बार फॉल्ट, जर्जर एवं नीचे लटकते बिजली के तार, खुले ट्रांसफॉर्मर, करंट उतरते विद्युत पोल तथा रात के समय अधिकारियों की अनुपलब्धता जैसी समस्याएं लोगों की सुरक्षा और दैनिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं।
डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मिले बिजली जैसी मूलभूत सुविधा
बैठक के दौरान शालिनी सिंह ने कहा कि नोएडा के डूब क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में परिवार वर्षों से रह रहे हैं। यहां छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी आबादी निवास करती है। यदि प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों को बसने दिया है, तो उन्हें बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन बस्तियों को अब अवैध बताया जा रहा है, तो उनके बसने के समय प्रशासन और प्राधिकरण ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
जलभराव से डूब रहे ट्रांसफॉर्मर बने बड़ी चुनौती
मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन ने बैठक में बताया कि वर्तमान बिजली संकट का एक प्रमुख कारण कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों और बिजलीघरों का वर्षा के पानी में डूब जाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में बिना सुरक्षा जांच के बिजली आपूर्ति बहाल करना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण को भी पत्र लिखकर जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान की मांग की गई है।
24 घंटे हेल्पलाइन के उपयोग की अपील
मुख्य अभियंता ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बिजली संबंधी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9193301659 का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
NCF ने रखीं कई महत्वपूर्ण मांगें
नोएडा सिटीजन फोरम ने ज्ञापन के माध्यम से शहर के लिए दीर्घकालिक विद्युत मास्टर प्लान तैयार करने, नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने, जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने, खुले ट्रांसफॉर्मरों को सुरक्षित करने, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, रात्रिकालीन आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा सेक्टरों, सोसायटियों, औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अलावा अवैध बिजली आपूर्ति करने वाले तथाकथित बिजली माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर 24×7 वरिष्ठ अधिकारी की क्रमवार तैनाती की भी मांग उठाई गई।
‘करोड़ों का राजस्व देने वाला नोएडा बिजली के लिए संघर्ष कर रहा’
शालिनी सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाला नोएडा आज बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण “नो पावर कट ज़ोन” होने के बावजूद शहर के सेक्टर, सोसायटियां, औद्योगिक क्षेत्र और गांव लगातार बिजली संकट झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि शहर के लिए प्रभावी विद्युत मास्टर प्लान तैयार किया जाए, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ, तो नोएडा सिटीजन फोरम जनहित में आगे की रणनीति तय करेगा।
जनहित का बड़ा मुद्दा
मानसून के दौरान जलभराव, डूबते ट्रांसफॉर्मर और लगातार बिजली कटौती ने नोएडा की आधारभूत सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का मानना है कि स्मार्ट सिटी और नो पावर कट ज़ोन जैसे दावों को धरातल पर साबित करने के लिए केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि प्रभावी और जवाबदेह कार्यवाही की आवश्यकता है।

