ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों, विशेषकर बीटा-1 में लगातार बनी हुई सीवर समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्रभावी और स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल आंतरिक सीवर लाइनों को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ देना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक मुख्य सीवर लाइन की नियमित और व्यापक सफाई नहीं होगी, तब तक गंदे पानी की निकासी सुचारु रूप से संभव नहीं हो सकेगी।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई स्थानों पर मेन सीवर लाइन में गाद और अवरोध जमा होने के कारण सीवर का पानी वापस कॉलोनियों और सड़कों की ओर आ रहा है। इससे जलभराव, दुर्गंध और जनस्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
नागरिकों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एन.जी., संबंधित विभागों, क्षेत्रीय सांसद और विधायक से अपील की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका कहना है कि केवल बीटा-1 ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य सेक्टरों में भी इसी प्रकार की समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनके समाधान के लिए समग्र कार्ययोजना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने और विकास कार्यों का जवाब मांगने का पूरा अधिकार है। चुनाव के समय जनता से किए गए वादों को निभाने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
निवासियों ने यह भी नाराजगी जताई कि कई लोग स्वयं समस्याओं से प्रभावित होने के बावजूद जनप्रतिनिधियों के समक्ष उनकी जवाबदेही तय करने के बजाय औपचारिक स्वागत तक ही सीमित रह जाते हैं। उनका मानना है कि अब समय आ गया है कि सभी नागरिक एकजुट होकर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाएं।
स्थानीय नागरिकों ने प्राधिकरण से मांग की है कि मुख्य सीवर लाइनों की व्यापक सफाई, नियमित निरीक्षण और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए, ताकि शहरवासियों को सीवर जाम और जलभराव जैसी समस्याओं से स्थायी राहत मिल सके।

