नोएडा, चेतना मंच। देशभर में सामाजिक एकजुटता और संगठन को मजबूत करने की दिशा में गुर्जर समाज एक बड़े आयोजन की तैयारी में जुटा है। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की ओर से बड़े सामाजिक आयोजन का प्रस्ताव रखा गया है। आयोजकों का दावा है कि इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता, संगठन, शिक्षा और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करना है।
पहले यह आयोजन 31 अक्टूबर को प्रस्तावित था, लेकिन तालकटोरा स्टेडियम की उपलब्धता और पूर्व बुकिंग को देखते हुए तारीख में बदलाव किया गया है। अब कार्यक्रम 29 अक्टूबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। आयोजकों का कहना है कि तारीख बदलने के बावजूद कार्यक्रम के मूल उद्देश्य और स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरदार पटेल जयंती पर दिल्ली में जुटेगा समाज
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को मनाई जाती है। आयोजकों का कहना है कि इस अवसर को गुर्जर समाज की सामाजिक एकता और संगठन के लिए उपयोगी बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसी क्रम में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में देशभर के समाज के लोगों को एक मंच पर लाने की तैयारी की जा रही है। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के आह्वान पर विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में रहने वाले समाज के लोगों से संपर्क किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में समाज के प्रमुख लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी।
31 अक्टूबर की जगह 29 अक्टूबर को कार्यक्रम
आयोजकों के अनुसार, पहले तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित करने की योजना थी। स्टेडियम की उपलब्धता और पहले से हुई बुकिंग के कारण कार्यक्रम की तारीख में बदलाव करना पड़ा। अब महासम्मेलन 29 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।
आयोजक राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिचंद्र भाटी का कहना है कि तारीख में बदलाव केवल आयोजन स्थल की उपलब्धता से जुड़ा प्रशासनिक निर्णय है। इससे कार्यक्रम के उद्देश्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। उनका लक्ष्य देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले गुर्जर समाज के लोगों को दिल्ली में एकत्रित कर सामाजिक मुद्दों पर सामूहिक चर्चा करना है।
देशभर से लोगों को जोड़ने की तैयारी
कार्यक्रम को केवल दिल्ली या किसी एक राज्य तक सीमित रखने के बजाय देशव्यापी स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में समाज के प्रमुख लोगों से संपर्क करने और लोगों को आयोजन की जानकारी देने की योजना बनाई गई है। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होगी। उनका कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले गुर्जर समाज के लोगों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए इस प्रकार के बड़े मंच की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
सामाजिक एकता और संगठन पर होगा फोकस
राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिचंद्र भाटी ने कहा कि महासम्मेलन में समाज की एकता और संगठन को मजबूत करने से जुड़े विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहेंगे। आयोजकों के मुताबिक शिक्षा, युवाओं की भूमिका, सामाजिक संगठन, समाज की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उनका कहना है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव और सुझाव साझा किए जाएंगे। इससे सामाजिक स्तर पर आगे की गतिविधियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिल सकती है।

समाजहित में बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पी कसाना की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि 29 अक्टूबर के कार्यक्रम में समाजहित से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों या घोषणाओं की संभावना है। हालांकि, इन घोषणाओं का स्वरूप फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। आयोजकों के मुताबिक सामाजिक एकता, शिक्षा, संगठन और समाज से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श के बाद आगे की रणनीति सामने रखी जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद समाज के प्रमुख लोगों के सुझावों के आधार पर भविष्य के लिए योजनाएं तय किए जाने की बात कही गई है।
“देशभर के गुर्जर समाज को एक मंच पर लाने का प्रयास”
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के महासचिव और प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता केपी कसाना ने कहा कि 29 अक्टूबर को तालकटोरा स्टेडियम में देशभर से गुर्जर समाज के लोगों को एकत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक आयोजन का उद्देश्य किसी एक क्षेत्र या प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के समाज को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि समाज की मौजूदा परिस्थितियों, संगठन की भूमिका और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने समाज के लोगों से कार्यक्रम में भागीदारी की अपील की।
आयोजन को लेकर तैयारियां तेज
कार्यक्रम की घोषणा के बाद इसे लेकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क और बैठकें शुरू होने की बात कही गई है। आयोजकों के अनुसार, आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को लाने और उनके समन्वय की भी तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर 3 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में भी आयोजन की रूपरेखा और समाज की भागीदारी को लेकर चर्चा की गई। बैठक में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा से जुड़े पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
युवाओं और शिक्षा पर भी रहेगा जोर
महासम्मेलन में सामाजिक संगठन के साथ-साथ शिक्षा और युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा होने की संभावना है। आयोजकों का मानना है कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी कौशल और सामाजिक नेतृत्व के अवसरों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसके अलावा समाज में आपसी संवाद और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे संगठनों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी विचार रखा जा सकता है। आयोजकों के अनुसार, मजबूत सामाजिक संगठन के लिए युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है और इस दिशा में भी कार्यक्रम के दौरान चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का संदेश देने की तैयारी
29 अक्टूबर का प्रस्तावित आयोजन गुर्जर समाज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का संदेश देने वाले कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल होंगे।
अब निगाहें 29 अक्टूबर को तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले इस महासम्मेलन पर हैं। कार्यक्रम में होने वाली चर्चाओं, संभावित घोषणाओं और समाज की आगामी रणनीति को लेकर आयोजन से जुड़े लोगों में उत्साह है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन किसी एक प्रदेश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर के गुर्जर समाज को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास होगा।

