जेवर, द न्यूज क्लिक। जेवर क्षेत्र में मासूम गोपाल शर्मा की हत्या से दहले इलाके में अब पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। जिस घटना ने गांव से लेकर पूरे जिले को झकझोर दिया था, उसमें अब ऐसी सच्चाई सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मामूली सी नाराजगी और बदले की भावना ने तीन युवकों को इतना क्रूर बना दिया कि उन्होंने एक मासूम बच्चे की जान ले ली।
जेवर कोतवाली पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी घटना के बाद फरार होने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
“दादी की डांट” बनी मासूम की मौत की वजह!

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक गोपाल शर्मा अक्सर गांव के कुछ युवकों के साथ बैठकर हुक्का पिया करता था। कुछ दिन पहले गोपाल की दादी ने वहां पहुंचकर युवकों को फटकार लगाई थी और बच्चे को हुक्का पिलाने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर आरोपी मन में रंजिश पाल बैठे थे। 21 मई को जब गोपाल दोबारा आरोपियों के पास पहुंचा, तो उन्होंने उसे पहले हुक्का पिलाया। पुलिस के मुताबिक, हुक्के में जरूरत से ज्यादा तंबाकू डालकर गोपाल को पिलाया गया और फिर उसे गांव के एक खाली पड़े मकान में ले जाया गया, जहां बेहद बेरहमी से उसका सिर दीवार में मार दिया गया। गंभीर चोट लगने से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
गुमशुदगी से हत्या तक… पुलिस ने ऐसे खोली पूरी गुत्थी
प्रेस वार्ता के दौरान ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि 21 मई को गोपाल शर्मा की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद तत्काल पुलिस टीम गठित की गई और बच्चे की तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद गांव रोही में एक खाली पड़े मकान से बच्चे का शव बरामद हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामला हत्या में बदल गया। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय पूछताछ के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की।
भागने की फिराक में थे आरोपी, पुलिस से हुई मुठभेड़
पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी दौरान चेकिंग अभियान के दौरान एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों की पहचान—नरेश निवासी रोही
मोहित निवासी रोही
के रूप में हुई, जबकि तीसरे आरोपी की पहचान—उमेश निवासी चंपारण, बिहार
के रूप में की गई। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
गांव में पसरा मातम, लोगों में भारी गुस्सा
इस हत्याकांड के खुलासे के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक मामूली विवाद को लेकर मासूम बच्चे की हत्या कर देना इंसानियत को शर्मसार करने वाला कृत्य है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
पुलिस ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र बोली— अपराधियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि— “मासूम की हत्या बेहद संवेदनशील मामला था। पुलिस टीम लगातार काम कर रही थी और आखिरकार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सवाल भी खड़े हुए: गांवों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता
इस घटना ने गांवों में किशोरों और युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कम उम्र में बच्चों का हुक्का और तंबाकू जैसी चीजों की ओर झुकाव समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और युवाओं को जागरूक किया जाए।

