ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा स्कूल ऑफ डिज़ाइन में LGBTQIA+ समुदाय के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और समावेशी सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नाज़ फाउंडेशन (इंडिया) ट्रस्ट, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को भारत में LGBTQIA+ आंदोलन के विकास, जेंडर और सेक्स के बीच अंतर, लैंगिक विविधताओं की समझ, यौनिकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं तथा LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों के जीवन अनुभवों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही शिक्षा और कार्यस्थलों में अधिक समावेशी वातावरण तैयार करने की आवश्यकता और उसके व्यावहारिक तरीकों पर भी चर्चा की गई।
सत्र को संवादात्मक और सहभागी स्वरूप में आयोजित किया गया, जिसमें प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तर और खुली चर्चाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय को गहराई से समझने का अवसर मिला। सत्र के दौरान LGBTQIA+ समुदाय से जुड़े सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और संस्थागत चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला गया तथा संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर शारदा स्कूल ऑफ डिज़ाइन की एसोसिएट डीन डॉ. दीप्ति पराशर ने कहा: “एक समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए जेंडर विविधता और मानवीय गरिमा की समझ बेहद आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल जानकारी ही नहीं देते, बल्कि उन्हें विभिन्न अनुभवों और दृष्टिकोणों को सम्मान के साथ स्वीकार करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। हमें विश्वास है कि जागरूकता और संवाद के माध्यम से हम अधिक समावेशी शैक्षणिक वातावरण तैयार कर सकते हैं।”
इस सत्र के दौरान सतविंदर सिंह वालिया, डॉ. कंचन गुप्ता, यश कुमार, मिस पल्लवी, सताक्षी चौधरी, सतिंदर कुमार, स्टूडेंट्स आदि मौजूद रहे।

