नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा की प्रतिष्ठित आवासीय परियोजनाओं में शामिल महागुन सोसायटी इन दिनों अपने रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर विवादों के केंद्र में है। सोसायटी के निवासियों ने बिल्डर एवं सुविधा प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क जमा कराने के बावजूद उन्हें वह सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिनका वादा किया गया था। स्वच्छता, सुरक्षा, लिफ्टों की खराब स्थिति, खुले क्षेत्रों में फैली गंदगी, कॉमन एरिया में बंद पड़े एयर कंडीशनर और लगातार सामने आ रही सांप निकलने की घटनाओं ने लोगों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कूड़े के ढेर बने सबसे बड़ी परेशानी, संक्रमण का खतरा बढ़ा
महागुन सोसायटी के निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है। कई स्थानों पर घंटों और कई बार दिनों तक कचरा पड़ा रहता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बच्चों के खेलने वाले पार्क और कॉमन एरिया के आसपास भी कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं। इससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छर, मक्खियों के साथ संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। निवासियों का कहना है कि एक प्रीमियम सोसायटी में इस तरह की स्थिति न केवल असुविधाजनक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुकी है। उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी नहीं की जा रही और शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी सुधार दिखाई नहीं दे रहा।
सांपों की बढ़ती घटनाओं से दहशत, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर चिंता
सोसायटी परिसर में हाल के दिनों में कई बार सांप दिखाई देने की घटनाओं ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। निवासियों का कहना है कि घास की समय पर कटाई नहीं होने, झाड़ियों की सफाई में लापरवाही और प्रभावी पेस्ट कंट्रोल न होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। कई परिवारों का कहना है कि बच्चे अब खुले मैदानों और पार्कों में खेलने से डरने लगे हैं। वरिष्ठ नागरिक भी सुबह-शाम टहलने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि नियमित पेस्ट कंट्रोल, झाड़ियों की सफाई और हरित क्षेत्रों के उचित रखरखाव की तत्काल व्यवस्था की जाए।

बार-बार खराब हो रही लिफ्टें, बंद पड़े एसी से बढ़ी परेशानी
महागुन सोसायटी के निवासियों ने आरोप लगाया कि कई टावरों की लिफ्टें बार-बार खराब हो जाती हैं। ऊंची इमारतों में रहने वाले बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को इससे सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा कॉमन एरिया में लगे एयर कंडीशनर लंबे समय से बंद पड़े होने की शिकायत भी सामने आई है। भीषण गर्मी के दौरान लोगों को लॉबी और अन्य साझा स्थानों पर असुविधा का सामना करना पड़ता है। निवासियों का कहना है कि इतनी बड़ी सोसायटी में इस प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
शिकायतें कीं, लेकिन नहीं मिला स्थायी समाधान
निवासियों का दावा है कि उन्होंने कई बार प्रबंधन को लिखित और मौखिक रूप से समस्याओं से अवगत कराया। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि मामले की जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई नहीं दे रहा। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि शिकायतों का समाधान करने के बजाय प्रबंधन के कुछ अधिकारियों का रवैया असहयोगपूर्ण और डराने-धमकाने वाला रहा। उनका कहना है कि यदि शिकायत करने वाले लोगों को ही प्रताड़ित किया जाएगा तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
निवासियों ने रखीं कई अहम मांगें
महागुन सोसायटी के निवासियों ने बिल्डर और सुविधा प्रबंधन से तत्काल प्रभाव से कई कदम उठाने की मांग की है। इनमें नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित करना, घास और झाड़ियों की सफाई, प्रभावी पेस्ट कंट्रोल, सभी लिफ्टों का समयबद्ध रखरखाव, बंद पड़े एयर कंडीशनरों को चालू करना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना तथा शिकायतों के निस्तारण के लिए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू करना शामिल है।
प्राधिकरण और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण एवं संबंधित प्रशासनिक विभागों से पूरे मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब निवासी नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान कर रहे हैं तो उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर आवासीय वातावरण मिलना उनका अधिकार है।
इस दौरान निवासी प्रतिनिधियों में नितिन गांधी, निखिल कुमार, ऋथि कश्यप, शिवांगी अग्रवाल, शिवा गोयल, पारुल गर्ग, एकता खरे एवं चेतना सहित अनेक लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

