राष्ट्रीय स्तर के जनरेटिव एआई हैकाथॉन में 1.25 लाख से अधिक आवेदन; 115 फाइनलिस्ट में शामिल होकर मृदुल ने अपनी तकनीकी प्रतिभा का किया प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की चतुर्थ वर्ष की छात्रा मृदुल सिंह सोम ने राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का नाम रोशन करते हुए ‘Women Who Master Hackathon 2026’ में द्वितीय उपविजेता (Second Runner-up) स्थान हासिल किया है। महिलाओं के लिए आयोजित इस प्रतिष्ठित जनरेटिव एआई हैकाथॉन को दुनिया के सबसे बड़े महिला-केंद्रित जनरेटिव एआई हैकाथॉन के रूप में पहचान मिली है और इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन Aspire For Her और Logitech की ओर से आयोजित किया गया। हैकाथॉन का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े वास्तविक जीवन के मुद्दों की पहचान कर Generative AI आधारित तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रतिभागियों को मंच उपलब्ध कराना था। प्रतियोगिता में देशभर से बड़ी संख्या में छात्राओं और महिला प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
1.25 लाख से अधिक आवेदन, 1700 से ज्यादा प्रतिभागी
आयोजकों के अनुसार, Women Who Master Hackathon 2026 के लिए देशभर से 1.25 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए 1,700 से अधिक प्रतिभागियों ने हैकाथॉन में भाग लिया।
महिला प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई की क्षमता का इस्तेमाल करते हुए वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करना नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों को समाज और दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं पर तकनीक आधारित समाधान सोचने और उन्हें विकसित करने का अवसर देना भी था।
कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 115 फाइनलिस्ट ग्रैंड फिनाले तक पहुंचे। ग्रैंड फिनाले का आयोजन Logitech के मुख्यालय में किया गया, जहां फाइनलिस्टों को अपने विचारों, तकनीकी समाधान और समस्या-समाधान क्षमता को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
तकनीकी समझ और रचनात्मकता के दम पर मृदुल ने बनाई जगह
जीएल बजाज की छात्रा मृदुल सिंह सोम ने प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में अपनी तकनीकी समझ, रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान क्षमता का प्रदर्शन किया। देशभर से पहुंचे प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने द्वितीय उपविजेता का स्थान प्राप्त किया।
मृदुल की यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनरेटिव एआई वर्तमान समय में तेजी से विकसित हो रही तकनीकों में शामिल है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन में अपने समाधान और तकनीकी क्षमता के दम पर शीर्ष प्रतिभागियों में स्थान बनाना उनके तकनीकी कौशल और नवाचार की क्षमता को दर्शाता है।
संस्थान ने छात्रा को दी बधाई
मृदुल की उपलब्धि पर जीएल बजाज शिक्षण संस्थान के उपाध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, प्रयोग और व्यावहारिक सीख के अवसर उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे बेहतर मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं।
मृदुल की उपलब्धि पर जीएल बजाज शिक्षण संस्थान के उपाध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, प्रयोग और व्यावहारिक सीख के अवसर उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे बेहतर मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं।
वहीं जीएल बजाज शिक्षण संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कार्तिकेय अग्रवाल ने भी मृदुल की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के हैकाथॉन विद्यार्थियों को नई तकनीकों पर काम करने, वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने और भविष्य के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल हासिल करने का अवसर प्रदान करते हैं।
हैकाथॉन और इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स पर संस्थान का जोर
जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में विद्यार्थियों को नियमित रूप से हैकाथॉन, तकनीकी प्रतियोगिताओं और उद्योग-केंद्रित परियोजनाओं में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक दुनिया की समस्याओं से जोड़ना है।
संस्थान के अनुसार, ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थी कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करना सीखते हैं। इसके साथ ही टीमवर्क, समस्या-समाधान, रचनात्मक सोच, तकनीकी प्रस्तुति और समयबद्ध तरीके से समाधान विकसित करने जैसी क्षमताओं का भी विकास होता है।
मृदुल सिंह सोम की उपलब्धि को संस्थान के “अपनी चिंगारी खोजें” विचार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यह विचार विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानने, नए विचारों के साथ प्रयोग करने और उन विचारों को व्यावहारिक परिणामों में बदलने के लिए प्रेरित करता है।
Women Who Master Hackathon 2026 में द्वितीय उपविजेता का स्थान हासिल कर मृदुल सिंह सोम ने न केवल अपनी व्यक्तिगत तकनीकी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, बल्कि जीएल बजाज के नवाचार और उद्योग-केंद्रित शिक्षा के प्रयासों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

