उल्लुओं के जोड़े पर कई लोगों पर झपट्टा मारकर घायल करने का आरोप, एक घायल को लगवाने पड़े रेबीज समेत जरूरी इंजेक्शन; वन विभाग से सुरक्षित रेस्क्यू की मांग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में आवारा कुत्तों की समस्या के बीच अब उल्लुओं के एक जोड़े के कथित हमलों ने ला रेजिडेंशिया सोसाइटी के निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। सोसाइटी के निवासियों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से रात के समय परिसर में घूमने वाले लोगों पर उल्लू अचानक झपट्टा मार रहे हैं। इन घटनाओं में कई लोग घायल होने की बात सामने आई है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद निवासियों ने वन विभाग, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और सोसाइटी प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप कर उल्लुओं को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की मांग की है।
निवासियों के मुताबिक, सोसाइटी परिसर में सड़क किनारे लगे पेड़ों, स्ट्रीट लाइट और अन्य स्थानों पर उल्लुओं का एक जोड़ा अक्सर दिखाई देता है। आरोप है कि शाम ढलने के बाद जब लोग पैदल परिसर में आते-जाते हैं तो इनमें से एक उल्लू अचानक पेड़ या ऊंचाई से नीचे की ओर झपट्टा मार देता है। इस दौरान उसके पंजों और चोंच से लोगों के सिर अथवा शरीर पर चोट लगने की घटनाएं सामने आई हैं।
रात में टहलना हुआ मुश्किल, कई लोग हुए घायल
सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि गुरुवार और शुक्रवार की रात भी ऐसी घटनाएं हुईं। गुरुवार रात टहल रहे एक निवासी, जिनका नाम बिनॉय बताया गया है, पर कथित तौर पर उल्लू ने पीछे से अचानक झपट्टा मार दिया। इस घटना में उनके सिर में चोट लगने की बात कही गई है।
निवासियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में करीब 5 से 7 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक व्यक्ति को कथित हमले में गहरे घाव आने के बाद चिकित्सकीय सलाह लेनी पड़ी और उन्हें रेबीज समेत अन्य जरूरी इंजेक्शन लगवाए गए। हालांकि, घायलों की चिकित्सकीय स्थिति और इंजेक्शन से संबंधित जानकारी की आधिकारिक पुष्टि संबंधित स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल की ओर से नहीं हुई है।
निवासियों का कहना है कि इन घटनाओं से सबसे अधिक परेशानी रात के समय पैदल आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। उनका दावा है कि घटना से जुड़े कुछ दृश्य सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुए हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराया जा सकता है।
शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर लोग
उल्लुओं के अचानक झपट्टा मारने की घटनाओं की चर्चा के बाद सोसाइटी में डर का माहौल बना हुआ है। निवासियों के अनुसार, पहले जहां लोग रात में सोसाइटी परिसर में टहलते थे, वहीं अब कई लोग अंधेरा होने के बाद बाहर निकलने से बच रहे हैं।
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को लेकर परिवार विशेष रूप से चिंतित हैं। कुछ अभिभावकों ने रात के समय बच्चों को पार्क में भेजना तक बंद कर दिया है। जरूरी काम से पार्किंग, लॉबी या सोसाइटी के दूसरे हिस्सों में जाने वाले लोग भी सावधानी बरत रहे हैं।
निवासियों के बीच यह भी चर्चा है कि उल्लुओं का व्यवहार सामान्य है या किसी विशेष कारण से वे लोगों पर झपट्टा मार रहे हैं, इसकी जानकारी विशेषज्ञ ही दे सकते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वयं उल्लुओं को पकड़ने या उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग की विशेषज्ञ टीम को मौके पर बुलाया जाना चाहिए।
वन विभाग से सुरक्षित रेस्क्यू की मांग
लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए ला रेजिडेंशिया सोसाइटी के निवासियों ने स्थानीय बिल्डर/सोसाइटी प्रबंधन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और वन विभाग से कार्रवाई की मांग की है। निवासियों की मांग है कि वन विभाग की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और यदि आवश्यक हो तो उल्लुओं को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए।
निवासियों का कहना है कि उल्लू भी वन्यजीव हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाना समाधान नहीं है। इसलिए विशेषज्ञों की निगरानी में उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि सोसाइटी के लोगों को भी राहत मिले और पक्षियों को भी कोई नुकसान न पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक सोसाइटी परिसर में लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। खासकर रात के समय उन स्थानों की पहचान की जाए जहां उल्लुओं की गतिविधि अधिक दिखाई दे रही है।
फिलहाल ला रेजिडेंशिया सोसाइटी में उल्लुओं के कथित हमलों को लेकर निवासियों में चिंता और भय का माहौल है। अब देखना होगा कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कब करती है और इन पक्षियों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने अथवा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

