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Wednesday, October 21, 2026
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    Breaking News : सेक्टर-77 में नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 40 करोड़ की मास्टर ग्रीन जमीन से हटाया अतिक्रमण; 4200 वर्ग मीटर भूमि कराई कब्जामुक्त, कोर्ट में भी पहुंचा था मामला, CEO कृष्णा करुणेश ने कहा कि प्राधिकरण की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा

    नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि प्राधिकरण की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा प्राधिकरण की कार्रवाई से पहले इस जमीन से संबंधित मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। पत्र के अनुसार अतिक्रमणकर्ता की ओर से वाद संख्या 758/2025 दाखिल कर नोएडा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे निर्माण/विकास कार्य में हस्तक्षेप न करने की कार्रवाई के खिलाफ राहत प्राप्त करने का प्रयास किया गया था।

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    नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा में सरकारी और प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जे तथा अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-77 में ग्राम सोरखा के खसरा संख्या-18 पर करीब 4200 वर्ग मीटर मास्टर ग्रीन भूमि से अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। प्राधिकरण के अनुसार कब्जामुक्त कराई गई इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ रुपये है। यह कार्रवाई नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के निर्देशों के क्रम में वर्क सर्किल-6 की टीम द्वारा की गई। प्राधिकरण का कहना है कि सरकारी एवं प्राधिकरण की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    मास्टर ग्रीन के लिए आरक्षित थी जमीन

    प्राधिकरण के मुताबिक सेक्टर-77 में ग्राम सोरखा की खसरा संख्या-18 की उक्त भूमि मास्टर ग्रीन के लिए आरक्षित/निर्धारित है। आरोप है कि अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा इस भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त किया और करीब 4200 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस कार्रवाई से करोड़ों रुपये मूल्य की प्राधिकरण की भूमि को दोबारा सुरक्षित किया गया है।

    कोर्ट में भी पहुंचा था मामला

    प्राधिकरण की कार्रवाई से पहले इस जमीन से संबंधित मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। पत्र के अनुसार अतिक्रमणकर्ता की ओर से वाद संख्या 758/2025 दाखिल कर नोएडा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे निर्माण/विकास कार्य में हस्तक्षेप न करने की कार्रवाई के खिलाफ राहत प्राप्त करने का प्रयास किया गया था। प्राधिकरण की ओर से मामले में प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप न्यायालय द्वारा पूर्व में जारी निषेधाज्ञा को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मौके पर किए गए अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।

    जमीन पर विकसित होगा मास्टर ग्रीन

    अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब इस भूमि पर मास्टर ग्रीन विकसित किए जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि इस क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार होने से स्थानीय नागरिकों को बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी। नोएडा की पहचान देश के प्रमुख नियोजित शहरों में होती है और शहर के मास्टर प्लान में हरित क्षेत्रों के लिए भूमि निर्धारित की गई है। ऐसे में मास्टर ग्रीन की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराना पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सीईओ कृष्णा करुणेश का बयान

    नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि प्राधिकरण की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकारी और प्राधिकरण की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मास्टर प्लान के अनुरूप निर्धारित भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए सुनिश्चित किया जाएगा और हरित क्षेत्रों को संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    अवैध कब्जे के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

    नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अथवा प्राधिकरण की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा और अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-77 की कार्रवाई को इसी अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। करीब 40 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद प्राधिकरण का अगला फोकस इसे निर्धारित उपयोग के अनुसार विकसित करने पर रहेगा।

    प्राधिकरण की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र के लिए निर्धारित भूमि पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखने और नियोजित विकास को बनाए रखने के लिए आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

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