नोएडा, द न्यूज क्लिक। सामाजिक संस्था नौएडा सिटीजन फोरम (एनसीएफ) की ओर से नागरिक समस्याओं को लेकर चलाए जा रहे ‘एनसीएफ आपके द्वार’ अभियान के तहत कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने वरिष्ठ समाजसेवी एवं आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा के कार्यालय में एक औपचारिक बैठक की। बैठक में नोएडा की वर्तमान नागरिक सुविधाओं, प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और सेक्टरों एवं गांवों से जुड़ी समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नोएडा महानगर के पूर्व अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता, नोएडा महानगर भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वर्तमान में एनसीएफ के महासचिव प्रशांत त्यागी सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा ने एनसीएफ के प्रयासों की सराहना की
बैठक के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा ने नोएडा में एनसीएफ की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने शालिनी सिंह को नागरिक हितों से जुड़े मुद्दों पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। साथ ही शहर की समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि नागरिक संगठनों और शहरवासियों के बीच लगातार संवाद होना जरूरी है, ताकि स्थानीय समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जा सके और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल हो।
‘10 हजार करोड़ से अधिक बजट, फिर भी सुविधाओं का अभाव’
एनसीएफ की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बैठक में नोएडा की मूलभूत नागरिक सुविधाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नोएडा प्राधिकरण का सालाना बजट 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने के बावजूद शहर के कई सेक्टरों और गांवों में नागरिक सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में सड़कें खराब हैं, पेयजल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें हैं, बिजली व्यवस्था में समस्याएं हैं और पार्कों के रखरखाव की स्थिति भी बेहतर नहीं है। इसके अलावा स्वच्छता व्यवस्था, सड़कों पर घूमते गौवंश और पशुओं के लिए उचित व्यवस्था का अभाव भी शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
शालिनी सिंह ने कहा कि नागरिकों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी और नियमित जनसुनवाई की व्यवस्था दिखाई नहीं देती। आरडब्ल्यूए और एओए की ओर से बार-बार समस्याएं उठाए जाने के बावजूद कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण नोएडावासियों में असंतोष बढ़ रहा है।
गांवों की उपेक्षा का लगाया आरोप
एनसीएफ की कार्यकारी अध्यक्ष ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गांवों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर के विकास की चर्चा के बीच नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शालिनी सिंह ने मांग की कि नोएडा क्षेत्र के गांवों में पहले की तरह ग्राम पंचायत व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी स्थानीय व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, स्वच्छता, जल निकासी, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अलग से प्रभावी व्यवस्था और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है।
प्राधिकरण के बजट और खर्च पर उठाए सवाल
बैठक में शालिनी सिंह ने नोएडा प्राधिकरण के बड़े बजट और उसके उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब प्राधिकरण के पास हजारों करोड़ रुपये का वार्षिक बजट है, तो नागरिकों को बेहतर सड़क, स्वच्छता, पेयजल, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि प्राधिकरण का बजट किन मदों में खर्च किया जा रहा है और विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही किस तरह सुनिश्चित की जा रही है।
हालांकि, उनके द्वारा भ्रष्टाचार को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्राधिकरण या अधिकारियों का पक्ष इस बैठक में सामने नहीं आया है। ऐसे आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और सक्षम जांच के आधार पर ही हो सकती है।
भ्रष्टाचार पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का भी उठाया मुद्दा
शालिनी सिंह ने नोएडा प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी बैठक में उठाया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को लेकर अतीत में गंभीर सवाल उठते रहे हैं और न्यायपालिका की टिप्पणियां भी सामने आती रही हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता लाने की आवश्यकता महसूस की जाती रही है, तो इसके लिए प्रभावी कदम किस स्तर पर उठाए जा रहे हैं।
एनसीएफ ने मांग की कि सरकारी धन के इस्तेमाल, विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी होनी चाहिए। इसके साथ ही शिकायतों के निस्तारण की समयबद्ध व्यवस्था भी बनाई जानी चाहिए।
बोर्ड बैठकों में सांसद-विधायक को शामिल करने की मांग
शालिनी सिंह ने नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसद और विधायक को प्राधिकरण की बोर्ड बैठकों में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की समस्याएं सीधे बोर्ड के समक्ष पहुंच सकें। उनका कहना है कि इससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से शामिल किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि नोएडा के विकास से जुड़े निर्णयों में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत कर सकता है।
जल्द होगी बड़ी जनसभा
एनसीएफ की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बताया कि संगठन की ओर से नोएडा विधानसभा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं को लेकर जल्द ही एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसभा के माध्यम से शहर के सेक्टरों और गांवों से जुड़े मुद्दों को एक मंच पर उठाया जाएगा। इसके साथ ही नोएडा की वास्तविक स्थिति से प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनसीएफ का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ अभियान चलाना नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं में सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसमस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए आवाज उठाना है।
बैठक में मौजूद लोगों ने भी नागरिक समस्याओं को लेकर सामूहिक प्रयास तेज करने पर जोर दिया। एनसीएफ के मुताबिक ‘आपके द्वार’ अभियान के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर नागरिकों की समस्याओं को समझने और उन्हें संबंधित मंचों तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। बैठक के दौरान यह भी संदेश दिया गया कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में आधुनिक विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता और ग्रामीण क्षेत्रों के समावेशी विकास को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। आने वाले दिनों में प्रस्तावित जनसभा के जरिए इन मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने की तैयारी की जा रही है।

