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Wednesday, August 19, 2026
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    GD Goenka News : राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और राष्ट्रीय संग्रहालय के शैक्षणिक भ्रमण से जीडी गोयंका के विद्यार्थियों ने जाना भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव

    Students of GD Goenka got to know the pride of India's rich cultural heritage from an academic tour of the National Museum

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा के कक्षा IX एवं X के विद्यार्थियों ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी तथा राष्ट्रीय संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, हस्तशिल्प, प्राचीन इतिहास एवं सभ्यता से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।

    भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया और भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक हस्तकलाओं, वस्त्र परंपराओं, मिट्टी, लकड़ी, धातु एवं बांस से निर्मित शिल्पकृतियों को निकट से देखा। विद्यार्थियों ने कलाकारों द्वारा किए जा रहे लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन को भी देखा, जिससे उन्हें पारंपरिक शिल्प निर्माण की तकनीकों और कारीगरों की उत्कृष्ट कला को समझने का अवसर मिला।

    विद्यार्थियों के लिए सबसे आकर्षक केंद्र संग्रहालय का ग्रामीण परिसर रहा, जहां भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक झोपड़ियां, ग्रामीण जीवनशैली और स्वदेशी निर्माण तकनीकों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। प्रसिद्ध वास्तुकार चार्ल्स कोरिया द्वारा तैयार किए गए संग्रहालय के आधुनिक एवं पारंपरिक वास्तुशिल्प के समन्वय को भी विद्यार्थियों ने करीब से समझा।

    राष्ट्रीय संग्रहालय में विद्यार्थियों ने हड़प्पा सभ्यता से जुड़ी अनेक दुर्लभ वस्तुओं का अवलोकन किया। इनमें मिट्टी के बर्तन, मुहरें, टेराकोटा की मूर्तियां, खिलौने, आभूषण, तांबे के उपकरण, सिक्के, प्राचीन पांडुलिपियां, ऐतिहासिक चित्र, शिलालेख और विभिन्न कालखंडों की सांस्कृतिक धरोहरें शामिल थीं। आधुनिक हड़प्पा गैलरी में प्रदर्शित हजारों पुरातात्विक अवशेषों ने विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन सभ्यता की समृद्धि और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परिचित कराया।

    संग्रहालय के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्रत्येक प्रदर्शनी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कलात्मक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों ने ब्राह्मी लिपि से लेकर भारतीय लिपियों के विकास, प्राचीन सिक्कों, दुर्लभ कलाकृतियों तथा भारतीय पुरातत्व से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही संग्रहालय के समृद्ध संदर्भ पुस्तकालय के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया गया।
    विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के कक्षा-कक्ष में प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे विद्यार्थियों में भारतीय इतिहास, संस्कृति, कला और विरासत के प्रति सम्मान और जिज्ञासा का विकास होता है।

    पूरे भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन का परिचय दिया और सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय ने भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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