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Wednesday, July 22, 2026
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    Yatharth Hospital News : सेल्फॉस से गंभीर रूप से बीमार 34 वर्षीय महिला को यथार्थ हॉस्पिटल में मिला नया जीवन, महिला के शरीर में अनजाने में सेल्फॉस चला गया था, जिसके बाद उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी

    The 34-year-old woman, who was seriously ill with selfies, got a new life in the actual hospital, the woman's body had unknowingly passed selfies, after which her condition became extremely serious

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा के डॉक्टरों ने सेल्फॉस (एल्यूमिनियम फॉस्फाइड) के जहर से गंभीर रूप से बीमार हुई 34 वर्षीय महिला का सफल इलाज कर उसकी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, महिला के शरीर में अनजाने में सेल्फॉस चला गया था, जिसके बाद उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी।

    जब मरीज को अस्पताल लाया गया, तब उसका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा था। जांच में पता चला कि उसके हृदय की पंपिंग क्षमता (इजेक्शन फ्रैक्शन) केवल 10 प्रतिशत रह गई थी, जबकि सामान्य रूप से यह 55-60 प्रतिशत होती है। इसके अलावा उसके शरीर में एसिड का स्तर भी बहुत बढ़ गया था और वह कार्डियोजेनिक शॉक जैसी जानलेवा स्थिति में थी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. वेद प्रकाश, डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) के नेतृत्व में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। मरीज को ECMO (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) मशीन पर रखा गया। यह एक अत्याधुनिक लाइफ सपोर्ट तकनीक है, जो कुछ समय के लिए हृदय और फेफड़ों का काम करती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह बना रहता है और मरीज के अंगों को ठीक होने का समय मिल जाता है।

    इलाज के दौरान मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट, दवाओं, लगातार निगरानी और 24 घंटे विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया। डॉक्टरों की टीम ने हर चरण पर उसकी स्थिति पर नजर रखते हुए इलाज किया, जिससे धीरे-धीरे उसकी तबीयत में सुधार होने लगा।

    इस सफल उपचार पर डॉ. वेद प्रकाश ने कहा, “सेल्फॉस का जहर शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है। यह सबसे पहले हृदय को प्रभावित करता है और कई बार मरीज की जान बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस मरीज की हृदय क्षमता केवल 10 प्रतिशत रह गई थी। ऐसे मामलों में समय पर ECMO जैसी आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।”

    उन्होंने कहा कि मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और उसके बचने की संभावना बहुत कम थी, लेकिन समय पर इलाज, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के प्रयासों से वह अब स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रही है।

    यह सफलता यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जटिल और गंभीर आपातकालीन मामलों के इलाज में विशेषज्ञता को दर्शाती है। अस्पताल आधुनिक तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों और उन्नत क्रिटिकल केयर सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के बारे में

    यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा एक अग्रणी मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है, जहां अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर, ECMO जैसी उन्नत सुविधाएं और विभिन्न विशेषज्ञ विभागों की अनुभवी टीम गंभीर एवं जटिल मरीजों का उपचार करती है।

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