ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा स्थित जीएल बजाज इंस्टीट्यूट को लेकर समाजवादी छात्र सभा ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है। छात्र नेताओं का आरोप है कि कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया, फीस, हॉस्टल व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में व्यापक अनियमितताएं हो रही हैं। इन मुद्दों को लेकर छात्र नेताओं ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए तीन दिन के भीतर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में उचित कदम नहीं उठाए गए तो संगठन शांतिपूर्ण तरीके से बड़ा आंदोलन करेगा।

समाजवादी छात्र सभा के नेताओं का आरोप है कि कॉलेज में प्रवेश के दौरान छात्रों से कथित तौर पर डोनेशन के नाम पर 5 से 7 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि पहले छात्रों को सीटें भर जाने की बात कही जाती है, जबकि बाद में कथित दलालों के माध्यम से प्रवेश दिलाने के नाम पर मोटी रकम मांगी जाती है। आरोप यह भी है कि यह राशि कॉलेज परिसर में ही जमा कराई जाती है और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों को मोबाइल फोन तक ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती।
छात्र नेताओं ने दूसरा आरोप फीस को लेकर लगाया है। उनका कहना है कि एकेटीयू (AKTU) द्वारा निर्धारित वार्षिक फीस लगभग 1.05 लाख रुपये है, जबकि कॉलेज छात्रों से करीब 1.72 लाख रुपये वसूल रहा है। उनका दावा है कि यह विश्वविद्यालय के नियमों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मथुरा स्थित जीएल बजाज संस्थान के नाम पर प्रवेश लेकर छात्रों को ग्रेटर नोएडा परिसर में पढ़ाया जा रहा है, जो विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप नहीं है। छात्र नेताओं ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
एक अन्य आरोप कॉलेज के निदेशक मानस कुमार मिश्रा को लेकर लगाया गया है। छात्र नेताओं का कहना है कि वर्ष 2025 में सामने आए कथित NAAC प्रकरण से जुड़े मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई थी और मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
हॉस्टल व्यवस्था को लेकर भी समाजवादी छात्र सभा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि छात्रों से लगभग 1.60 लाख रुपये हॉस्टल शुल्क लिया जाता है, जबकि सुविधाएं अपेक्षित स्तर की नहीं हैं। आरोप लगाया गया है कि हॉस्टल संचालन में कथित तौर पर कमीशनखोरी के कारण छात्रों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
समाजवादी छात्र सभा ने प्रशासन से इन सभी आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि तीन दिनों के भीतर इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वह शांतिपूर्ण तरीके से बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगा।
इस दौरान पूर्व बार अध्यक्ष उमेश भाटी, प्रदेश सचिव प्रशांत भाटी, ललित लोहिया, अनंत शुक्ला सहित कई छात्र नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

