ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।तेजी से बदलती स्वास्थ्य सेवाओं और गंभीर मरीजों के उपचार में विशेषज्ञ प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की बढ़ती आवश्यकता के बीच गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जीआईएमएस), ग्रेटर नोएडा ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। जीआईएमएस विद्या सेतु के तत्वावधान में संचालित तीसरा आईसीयू प्राइम केयर कोर्स बैच सफलतापूर्वक पूरा हो गया। तीन माह तक चले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ने स्वास्थ्य पेशेवरों को गहन चिकित्सा (Critical Care) की आधुनिक तकनीकों, आपातकालीन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता और आईसीयू प्रबंधन के व्यावहारिक अनुभव से सशक्त बनाया। यह उपलब्धि केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक दक्ष, आधुनिक और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी मानी जा रही है। कार्यक्रम के सफल समापन पर प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए और उन्हें भविष्य में गंभीर मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में
जीआईएमएस का बड़ा कदम
630 बेड वाले अत्याधुनिक सरकारी अस्पताल के रूप में जीआईएमएस प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार करता है। इनमें अनेक ऐसे मरीज होते हैं जिन्हें आईसीयू में विशेष निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है। यही कारण है कि संस्थान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से आईसीयू प्राइम केयर कोर्स की शुरुआत की थी। तीसरे बैच के सफल समापन के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है। संस्थान का उद्देश्य केवल चिकित्सा शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैयार करना है जो किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में कुशलतापूर्वक मरीजों का उपचार कर सकें।
तीन महीने की गहन ट्रेनिंग में मिला थ्योरी और प्रैक्टिकल का समन्वय
आईसीयू प्राइम केयर कोर्स को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का भी अवसर मिले। तीन माह के इस विशेष प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आधुनिक आईसीयू की कार्यप्रणाली, गंभीर मरीजों की निगरानी, वेंटिलेटर प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, आपातकालीन उपचार, रोगी सुरक्षा और टीम आधारित चिकित्सा सेवाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने इंटरैक्टिव लेक्चर, बेडसाइड क्लीनिकल प्रैक्टिस, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, कौशल प्रयोगशाला (Skill Lab) और वास्तविक आईसीयू वातावरण में कार्य करने का अनुभव प्राप्त किया। विशेषज्ञों द्वारा साक्ष्य आधारित चिकित्सा (Evidence-Based Practice) पर विशेष जोर दिया गया, ताकि प्रशिक्षु आधुनिक चिकित्सा मानकों के अनुरूप कार्य कर सकें।
गंभीर मरीजों के उपचार में दक्षता बढ़ाने पर विशेष फोकस
जीआईएमएस के विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अस्पताल में आईसीयू सबसे महत्वपूर्ण इकाइयों में से एक होती है। यहां कार्यरत डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की दक्षता सीधे मरीजों के जीवन से जुड़ी होती है। इसी सोच के साथ इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उन सभी परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया, जिनका सामना उन्हें वास्तविक आईसीयू में करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशिक्षित आईसीयू स्टाफ की उपलब्धता से मरीजों की मृत्यु दर और जटिलताओं में कमी लाई जा सकती है। साथ ही गंभीर मरीजों के उपचार की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार संभव है।
निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जीआईएमएस के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्यकर्मियों को नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों से परिचित कराते हैं।
उन्होंने कहा कि जीआईएमएस का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास को भी बढ़ावा देना है। प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर भविष्य में हजारों मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रमाण-पत्र वितरण बना गर्व का क्षण
समापन समारोह के दौरान सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह अवसर प्रशिक्षुओं, शिक्षकों और संस्थान के लिए गर्व का क्षण रहा। कार्यक्रम में संज्ञाहरण विभाग की संकाय सदस्य डॉ. समीक्षा, जीआईएमएस विद्या सेतु की समन्वयक डॉ. पल्लवी तथा सुश्री नेहा सहित अनेक चिकित्सक और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने प्रतिभागियों के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण उनके पेशेवर जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जीआईएमएस विद्या सेतु बना स्वास्थ्य शिक्षा का मजबूत मंच
जीआईएमएस विद्या सेतु के माध्यम से संस्थान लगातार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रहा है, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और चिकित्सा क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करना है। आईसीयू प्राइम केयर कोर्स की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर मजबूत कदम
तीसरे बैच के सफल समापन के साथ जीआईएमएस ने यह संदेश दिया है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से ही स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। संस्थान भविष्य में भी इसी प्रकार के उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से देश को दक्ष स्वास्थ्य पेशेवर उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

