नोएडा, द न्यूज क्लिक। लगातार हो रही बारिश के बीच नोएडा के सेक्टर-105 में जलभराव और सीवर बैकफ्लो की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। मुख्य नाले के ओवरफ्लो होने से पूरे सेक्टर में दूषित पानी फैल गया है, जबकि बिजली ट्रांसफार्मरों के आसपास जलभराव के कारण करंट फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। हालात को देखते हुए सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए ने नोएडा प्राधिकरण से तत्काल आपात राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।

सेक्टर-105 स्थित सीएनजी पंप के आगे गुजरने वाला मुख्य नाला क्षमता से अधिक भर जाने के कारण लगातार ओवरफ्लो कर रहा है। नाले का गंदा और बदबूदार पानी अब सेक्टर की सड़कों, ग्रीन बेल्ट और रिहायशी क्षेत्रों में फैल चुका है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के प्रयास से मौके पर जेसीबी मशीन लगाकर मुख्य नाले से सिल्ट (कीचड़) हटाने का कार्य कराया गया। इसके बावजूद नाले का बैकफ्लो जारी है और सेक्टर के भीतर गंदे पानी का प्रवेश नहीं रुक सका है। इससे स्पष्ट है कि केवल सिल्ट हटाने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं हो पा रहा।

सबसे अधिक चिंता का विषय सेक्टर के मुख्य बिजली ट्रांसफार्मरों के आसपास तेजी से बढ़ता जलभराव है। ट्रांसफार्मरों और भूमिगत विद्युत व्यवस्था के पानी में घिरने से करंट फैलने और किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय निवासी लगातार भय के माहौल में रह रहे हैं।
मुख्य नाले का बैकफ्लो अब सीवर नेटवर्क तक पहुंच चुका है। इसके चलते पूरे सेक्टर की सीवर लाइनें लबालब भर गई हैं और कई मकानों के बेसमेंट में सीवर का गंदा पानी घुस गया है। इससे न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण के जल एवं सीवरेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत अतिरिक्त सक्शन पंप लगाए जाएं, ताकि जल निकासी तेज की जा सके और ट्रांसफार्मरों, सीवर लाइन तथा रिहायशी क्षेत्रों को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
आरडब्ल्यूए का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा बिजली आपूर्ति, जनस्वास्थ्य और नागरिक सुरक्षा पर व्यापक असर पड़ सकता है। स्थानीय निवासियों ने भी प्राधिकरण से युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू करने और सेक्टर को जलभराव से शीघ्र मुक्त कराने की मांग की है।

