नोएडा, द न्यूज क्लिक । नोएडा के सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रीन्स हाउसिंग सोसायटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के गठन और चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। सोसायटी के कई फ्लैट खरीदारों ने आरोप लगाया है कि बिल्डर करोड़ों रुपये के अधूरे विकास कार्यों और आवश्यक वैधानिक मंजूरियों के बिना सोसायटी की जिम्मेदारी AOA को सौंपने की तैयारी कर रहा है। इस पूरे मामले में बिल्डर और कुछ फ्लैट खरीदारों के बीच सांठगांठ के आरोप भी लगाए गए हैं।
अधूरे विकास कार्यों के बीच चुनाव पर सवाल
सोसायटी के निवासी नरेंद्र मलिक का कहना है कि सिक्का कार्मिक ग्रीन्स में कुल छह टावर हैं, जिनमें से एस्पायर टावर को अभी तक नोएडा प्राधिकरण से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा फायर एनओसी (Fire NOC), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से संबंधित औपचारिकताएं, कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) सहित कई जरूरी अनुमतियां अभी लंबित हैं। निवासियों का आरोप है कि इन सभी कमियों के बावजूद AOA का गठन कर चुनाव कराने की जल्दबाजी की जा रही है, जिससे बिल्डर अपनी जिम्मेदारियों से बच सके।
करोड़ों रुपये की देनदारियों का बोझ निवासियों पर पड़ने की आशंका
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सोसायटी पर पानी, बिजली और अन्य विभागों के करोड़ों रुपये के बिल एवं चालान बकाया हैं। यदि वर्तमान स्थिति में AOA का गठन कर दिया जाता है तो इन वित्तीय दायित्वों का बोझ सीधे सोसायटी के लगभग 600 परिवारों पर आ सकता है निवासियों का आरोप है कि अधूरी परियोजना का हस्तांतरण भविष्य में कानूनी और आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकता है, जिसका खामियाजा आम फ्लैट खरीदारों को भुगतना पड़ेगा।
उप निबंधक को भेजी गई लिखित शिकायत
इस पूरे मामले को लेकर सोसायटी निवासी नरेंद्र मलिक ने उप निबंधक, गाजियाबाद को लिखित शिकायत भेजकर चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि रेरा अधिनियम-2016 की धारा 11(4)(e) के अनुसार परियोजना के सभी टावरों को पूर्ण रूप से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन का गठन किया जाना चाहिए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब तक परियोजना पूरी तरह वैधानिक रूप से पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक AOA का गठन नियमों की भावना के विपरीत होगा।
निवासियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
सोसायटी के कई निवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएं और यह सुनिश्चित करें कि बिल्डर पहले सभी अधूरे विकास कार्य पूरे करे, आवश्यक एनओसी और प्रमाणपत्र प्राप्त करे तथा बकाया देनदारियों का निस्तारण करे। इसके बाद ही AOA के गठन और चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। निवासियों का कहना है कि AOA का उद्देश्य सोसायटी का बेहतर संचालन है, न कि बिल्डर को उसकी जिम्मेदारियों से मुक्त कराना। इसलिए संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले का परीक्षण कर नियमों के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
सोसायटी के फ्लैट खरीदारों ने प्रशासन और संबंधित प्राधिकरणों से मांग की है कि जब तक सभी वैधानिक शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक AOA चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल फ्लैट खरीदारों के हित सुरक्षित रहेंगे, बल्कि भविष्य में किसी प्रकार के कानूनी और वित्तीय विवाद से भी बचा जा सकेगा।
अब सभी की निगाहें संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर क्या निर्णय लेते हैं। वहीं सोसायटी के निवासियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी चुनाव का विरोध करना नहीं, बल्कि पहले बिल्डर से सभी अधूरे कार्य पूरे कराकर सोसायटी को पूरी तरह सुरक्षित और वैधानिक रूप से हस्तांतरित कराना है।

