ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। शारदा मेडिकल कॉलेज एवं ग्रेटर नोएडा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी की ओर से 8 और 9 अगस्त को दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन 8 अगस्त को छठे वार्षिक सम्मेलन की प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप आयोजित हुई, जबकि 9 अगस्त को रेडिसन में ग्रेटर नोएडा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी का छठा वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान 9 अगस्त को ‘अभया दिवस’ के रूप में मनाते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सुरक्षित कार्यस्थल की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों सहित स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों ने भाग लिया। सम्मेलन में चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों, उपचार की नई तकनीकों और मरीजों की बेहतर देखभाल से जुड़े विषयों पर ज्ञान एवं अनुभव साझा किए गए। इसके साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
‘अभया दिवस’ के माध्यम से डॉक्टरों की सुरक्षा का संदेश
9 अगस्त को ‘अभया दिवस’ के रूप में मनाते हुए डॉक्टरों ने 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान महिला डॉक्टर के साथ हुई वीभत्स घटना और उनकी हत्या को याद किया। कार्यक्रम में ‘अभया’ को श्रद्धांजलि देते हुए डॉक्टरों ने कार्यस्थल पर महिला डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और सभी स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। शारदा मेडिकल कॉलेज में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं ग्रेटर नोएडा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. अर्चना मेहता तथा सोसायटी की सचिव डॉ. अपूर्वा अस्थाना की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने सुरक्षित कार्यस्थल को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। डॉक्टरों ने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं। ऐसे में उनके साथ मारपीट, धमकी या किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। चिकित्सकों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को बिना किसी भय के अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना आवश्यक है।
‘अस्पतालों में हर स्वास्थ्यकर्मी को मिले सुरक्षित वातावरण’
डॉ. अर्चना मेहता ने कहा, “9 अगस्त हमारे लिए बेहद भावुक और पीड़ादायक दिन है। ‘अभया दिवस’ के माध्यम से हम उस दुखद घटना को याद करने के साथ यह संदेश देना चाहते हैं कि किसी भी महिला डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी को भविष्य में ऐसी हिंसा का सामना न करना पड़े। अस्पतालों में डॉक्टरों और सभी स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाने चाहिए।” वहीं डॉ. अपूर्वा अस्थाना ने कहा, “आज भी अलग-अलग स्थानों से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट और हिंसा की घटनाएं सामने आती रहती हैं। यह बेहद चिंता का विषय है। डॉक्टरों को बिना किसी डर के अपना काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। ‘अभया दिवस’ के माध्यम से हम सरकार और समाज से डॉक्टरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हैं।”
FOGSI के राष्ट्रव्यापी अभियान को समर्थन
ग्रेटर नोएडा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी ने FOGSI (Federation of Obstetric and Gynaecological Societies of India) से संबद्ध सोसायटी के रूप में ‘अभया दिवस’ के राष्ट्रव्यापी अभियान का समर्थन किया। कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के डॉक्टरों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए एकजुट होने का संदेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को ‘अभया दिवस’ मनाने का उद्देश्य ‘अभया’ की स्मृति को सम्मान देना और कार्यस्थल पर महिला डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों तथा सभी स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।
चिकित्सकों ने सरकार और संबंधित संस्थानों से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
चिकित्सा सम्मेलन में ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान
दो दिवसीय आयोजन के दौरान स्त्री एवं प्रसूति रोग चिकित्सा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप के माध्यम से चिकित्सकों को व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई, जबकि वार्षिक सम्मेलन में चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम उपचार पद्धतियों और मरीजों की बेहतर देखभाल से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मेलन चिकित्सकों को लगातार सीखने, नई चिकित्सा तकनीकों से परिचित होने और अपने अनुभवों को साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। वहीं ‘अभया दिवस’ के आयोजन ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे—डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा—को भी प्रमुखता से सामने रखा।
सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए डॉक्टरों की सुरक्षा जरूरी
कार्यक्रम के समापन पर चिकित्सकों ने कहा कि किसी भी मजबूत और प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मरीजों की सुरक्षा के साथ-साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अस्पताल ऐसा स्थान होना चाहिए जहां चिकित्सक और मरीज दोनों सुरक्षित महसूस करें। दो दिवसीय कार्यक्रम ने चिकित्सा ज्ञान के आदान-प्रदान के साथ यह स्पष्ट संदेश दिया कि डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित किए बिना बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती।
शारदाकेयर हेल्थसिटी की स्वास्थ्य सेवाएं
शारदाकेयर हेल्थसिटी, ग्रेटर नोएडा में 600 से अधिक बेड वाला सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल है। अस्पताल में 30 से अधिक स्पेशियलिटीज में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर तथा सिंगापुर के सिंगहेल्थ के सहयोग से विकसित लेवल-1 इमरजेंसी एवं ट्रॉमा केयर सेंटर भी मौजूद है।

