ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। जनपद गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक विकास को नई गति देने और उद्यमियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों ने जलभराव, जर्जर सड़कें, बिजली आपूर्ति, ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, पार्किंग की कमी और जल निकासी जैसी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए और निवेश के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार किया जाए। बैठक के दौरान उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण ने जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी को दी। उन्होंने बताया कि कई समस्याएं लंबे समय से विभिन्न विभागों के स्तर पर लंबित हैं, जिनके कारण उद्योगों के संचालन और निवेश गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जलभराव और टूटी सड़कों पर उद्यमियों ने जताई नाराजगी
बैठक में उद्यमियों ने विशेष रूप से बारिश के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाले जलभराव को सबसे बड़ी समस्या बताया। उनका कहना था कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में थोड़ी सी बारिश के बाद सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं, जिससे कर्मचारियों, परिवहन वाहनों और उद्योगों के संचालन में भारी दिक्कत आती है। इसके अलावा जर्जर सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, जल निकासी की खराब व्यवस्था और अतिक्रमण जैसी समस्याएं भी उद्योगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। उद्यमियों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण न केवल उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि निवेशकों के सामने भी जिले की छवि खराब होती है। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की।
डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बैठक में मौजूद सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें। उन्होंने उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण को निर्देश दिए कि प्राधिकरणों से संबंधित सभी शिकायतों पर अलग से बैठक आयोजित कर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें, ताकि समस्याओं का स्थायी और प्रभावी समाधान निकाला जा सके।
निवेश मित्र पोर्टल के लंबित आवेदनों पर भी समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, ताकि निवेशकों और उद्यमियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उद्योगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

औद्योगिक विकास के लिए प्रशासन और उद्योगों के समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि औद्योगिक विकास तभी संभव है, जब प्रशासन और उद्योग जगत साझी जिम्मेदारी एवं समन्वय की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा संचालित उद्यमी हितैषी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र उद्यमी तक इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।
बैठक में रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण, विभिन्न प्राधिकरणों के अधिकारी, श्रम विभाग, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, NEA के अध्यक्ष विपिन मल्हन, IBA के अध्यक्ष अमित उपाध्याय, खुशबू सिंह, पुलिस विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जनपद में औद्योगिक माहौल को और बेहतर बनाना तथा निवेशकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना रहा।

