ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। कहते हैं कि अगर सपनों में जुनून हो, मेहनत में ईमानदारी हो और आत्मविश्वास में देश की मिट्टी की खुशबू हो, तो दुनिया का सबसे बड़ा मंच भी छोटा पड़ जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है ग्रेटर नोएडा के ऐतिहासिक गांव मकौड़ा की बेटी और वर्ष 2025 की मिसेज यूनिवर्स रह चुकीं शेरी सिंह ने, जिनकी चर्चा इन दिनों सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हो रही है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और ग्लैमरस आयोजनों में गिने जाने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) के रेड कार्पेट पर जब शेरी सिंह ने कदम रखा, तो हर निगाह बस उन्हीं पर टिक गई।
ग्रेटर नोएडा की इस बेटी ने साबित कर दिया कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति का संगम अगर किसी मंच पर दिखाई दे सकता है, तो वह दुनिया का कोई भी कोना हो सकता है। आज सोशल मीडिया से लेकर फैशन इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक हर तरफ शेरी सिंह के स्टाइल, आत्मविश्वास और भारतीय परंपरा से जुड़े उनके लुक की चर्चा हो रही है।
कान्स के रेड कार्पेट पर दिखा भारतीय संस्कृति और शालीनता का अद्भुत संगम
दुनिया के सबसे बड़े फिल्म समारोहों में शामिल कान्स फिल्म फेस्टिवल हर साल अंतरराष्ट्रीय सितारों, फैशन आइकॉन और ग्लोबल सेलेब्रिटीज का केंद्र बनता है। 12 मई 2026 से शुरू हुए इस भव्य आयोजन में जब भारत की मिसेज यूनिवर्स शेरी सिंह ने अपना डेब्यू किया, तो लोगों को एक अलग ही भारतीय अंदाज देखने को मिला। शेरी सिंह ने अपने रेड कार्पेट लुक के लिए मशहूर डिजाइनर जोड़ी रिम्पल और हरप्रीत का खास डिजाइन किया हुआ आउटफिट चुना। ट्रेडिशनल एम्ब्रॉयडरी, रॉयल लहंगा, क्लासी फिटिंग और शानदार जूलरी ने उनके लुक को ऐसा शाही अंदाज दिया कि विदेशी मीडिया भी उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाई। उनके लहंगे में भारतीय विरासत, कला और संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यही कारण रहा कि शेरी सिंह केवल एक फैशन आइकॉन नहीं बल्कि भारतीय परंपरा की प्रतिनिधि बनकर सामने आईं।
कान्स फिल्म फेस्टिवल में शेरी सिंह की मौजूदगी सिर्फ एक ग्लैमरस एंट्री नहीं थी, बल्कि भारतीय महिलाओं के आत्मविश्वास और पहचान का प्रतीक बन गई। सोशल मीडिया पर उनके फोटो और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेरी सिंह ने ग्लैमर और भारतीयता के बीच ऐसा संतुलन बनाया, जो बहुत कम देखने को मिलता है।
ग्रेटर नोएडा के मकौड़ा गांव से दुनिया के सबसे बड़े मंच तक का सफर
शेरी सिंह का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का ऐतिहासिक गांव मकौड़ा आज अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है। गांव की गलियों से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े फैशन और फिल्म मंच तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2025 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में शेरी सिंह ने 122 से अधिक देशों की प्रतिभागियों को पीछे छोड़कर इतिहास रच दिया था।
राजनीतिक विरासत वाले प्रतिष्ठित गुर्जर परिवार से हैं शेरी सिंह
शेरी सिंह का संबंध ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित गुर्जर परिवार से है, जिसकी राजनीतिक और सामाजिक पहचान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी मजबूत रही है। उनके दादा स्वर्गीय महेंद्र सिंह भाटी पश्चिमी यूपी के प्रभावशाली नेता और दादरी विधानसभा से विधायक रहे थे। वहीं उनके पिता समीर भाटी भी दादरी विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। हालांकि शेरी सिंह ने अपनी अलग पहचान मेहनत, आत्मविश्वास और प्रतिभा के दम पर बनाई है। उन्होंने यह साबित किया है कि राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद सफलता का असली रास्ता मेहनत और जुनून से होकर गुजरता है।
ग्रेटर नोएडा और पूरे उत्तर प्रदेश में खुशी का माहौल
शेरी सिंह की इस उपलब्धि के बाद ग्रेटर नोएडा, दादरी और आसपास के क्षेत्रों में खुशी और गर्व का माहौल है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं। युवतियां उन्हें अपना रोल मॉडल मान रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शेरी सिंह ने पूरे क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है।
ग्रेटर नोएडा के मकौड़ा गांव से दुनिया के सबसे बड़े मंच तक का सफर
शेरी सिंह का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र का ऐतिहासिक गांव मकौड़ा आज अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है। गांव की गलियों से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े फैशन और फिल्म मंच तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2025 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में शेरी सिंह ने 122 से अधिक देशों की प्रतिभागियों को पीछे छोड़कर इतिहास रच दिया था। वह पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने यह प्रतिष्ठित खिताब जीतकर भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। उनकी यह जीत सिर्फ सौंदर्य प्रतियोगिता की जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय महिलाओं की शक्ति, आत्मविश्वास और आधुनिक सोच का प्रतीक बन गई थी।

