ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा में हेपेटाइटिस के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के कारणों, बचाव के उपायों, समय पर टीकाकरण और उपचार के प्रति जागरूक करना था।
हेपेटाइटिस के कारण, बचाव और उपचार पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
सेमिनार में हेपेटाइटिस के नोडल अधिकारी एवं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार ने फार्मेसी के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी संक्रमण के कारण, लक्षण, संक्रमण से बचाव, टीकाकरण और आधुनिक उपचार पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस एक गंभीर लिवर रोग है, जिसकी समय पर पहचान और उपचार बेहद आवश्यक है। यदि समय रहते इसकी जांच और इलाज कराया जाए तो बीमारी से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
GIMS में निःशुल्क मिल रही हैं परामर्श और दवाइयाँ
डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के तहत राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा में हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित मरीजों के लिए निःशुल्क परामर्श, जांच एवं आवश्यक दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच
इस अवसर पर चीफ फार्मासिस्ट आशीष खंडूरी ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों से हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण समय पर करवाने की अपील की। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस-बी की वैक्सीन राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा (HRF) में उपलब्ध है और समय पर टीकाकरण इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित जीवनशैली और समय पर वैक्सीनेशन अपनाकर हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने कहा कि विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाने का उद्देश्य केवल एक दिन जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समाज में इस बीमारी के प्रति निरंतर जागरूकता बढ़ाना है। समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार, स्वच्छता और टीकाकरण अपनाकर हेपेटाइटिस को काफी हद तक रोका जा सकता है। सेमिनार में उपस्थित विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा भविष्य में स्वयं भी समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

