नोएडा/ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए करीब 29 किलोमीटर लंबा नया चार लेन एक्सप्रेसवे विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित परियोजना के पूरा होने के बाद प्रतिदिन नोएडा एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले लाखों लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-150, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी भी पहले से अधिक मजबूत होगी।

बताया जा रहा है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 500 करोड़ रुपये है। नया एक्सप्रेसवे यमुना और हरनंदी नदी के किनारे विकसित किया जाएगा, जिससे मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा।
रोजाना 10 लाख वाहनों के दबाव को कम करने की तैयारी
वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन लगभग 10 लाख वाहन गुजरते हैं। सुबह और शाम के समय यहां लंबा जाम आम बात बन चुका है। आईटी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों, औद्योगिक इकाइयों, छात्रों और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को रोजाना घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है।
नई परियोजना का उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है, ताकि बड़ी संख्या में वाहन वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकें और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आए।
29 किलोमीटर के मार्ग की खासियत
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा—
लगभग 12 किलोमीटर मौजूदा यमुना तटबंध सड़क का उन्नयन।
लगभग 17 किलोमीटर हरनंदी नदी क्षेत्र के समानांतर नई सड़क का निर्माण।
यह पूरा मार्ग आगे चलकर सेक्टर-150 के पास कोंडली-बंगर की 75 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ेगा। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के बीच वैकल्पिक एवं तेज यातायात मार्ग उपलब्ध होगा।
कम होगा भूमि अधिग्रहण का विवाद
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका अधिकांश हिस्सा नदी तटबंध क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जहां भूमि पहले से ही सिंचाई विभाग के नियंत्रण में है। इससे बड़े पैमाने पर किसानों से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता कम होगी और परियोजना को अपेक्षाकृत तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
5 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
अनुमान है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से करीब पांच लाख लोगों को लाभ मिलेगा। नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक कम होने के साथ-साथ भारी वाहनों के लिए भी बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
इसके अतिरिक्त—
सेक्टर-150 की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र तक पहुंच आसान होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों में माल परिवहन तेज होगा।
ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।
रियल एस्टेट को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि नई सड़क बनने के बाद सेक्टर-150, सेक्टर-151, सेक्टर-135, सेक्टर-168, कोंडली-बंगर तथा आसपास के गांवों में रियल एस्टेट गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इन क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक निवेश बढ़ने की संभावना है।
औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार
यह परियोजना केवल ट्रैफिक कम करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक विकास को भी नई गति दे सकती है। तेज परिवहन व्यवस्था से उद्योगों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां और मजबूत होंगी।
शहर के भविष्य की महत्वपूर्ण परियोजना
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को ऐसे वैकल्पिक एक्सप्रेसवे की लंबे समय से आवश्यकता थी। यदि यह परियोजना तय समय में पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में यह एनसीआर की सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में शामिल हो सकती है।
नया 29 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करेगा, बल्कि ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना क्षेत्र के बीच आवागमन को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा देगा।

