ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), ग्रेटर नोएडा ने राष्ट्रव्यापी “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा” अभियान के अंतर्गत एक भव्य एंटी-ड्रग प्रतिज्ञा समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, एमबीबीएस, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और तंबाकू, शराब तथा सभी प्रकार के मादक पदार्थों से दूर रहने का संकल्प लिया। यह आयोजन जीआईएमएस के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सकारात्मक भूमिका को सशक्त बनाना था।
प्रधानमंत्री के संदेश का हुआ सामूहिक प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान जीआईएमएस के पतंजलि सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रव्यापी “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा” प्रतिज्ञा समारोह का लाइव प्रसारण सामूहिक रूप से देखा गया। इस दौरान उपस्थित सभी चिकित्सकों, छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों ने देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने शपथ ली कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे, अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।
स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता
सभा को संबोधित करते हुए जीआईएमएस के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने में चिकित्सा संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थ युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों, शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों का दायित्व है कि वे समाज में जागरूकता फैलाकर नशा मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप दें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल अच्छे डॉक्टर ही नहीं, बल्कि समाज के जागरूक नागरिक और स्वास्थ्य जागरूकता के दूत बनें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को नशे की लत से बचाया जा सके।

विशेषज्ञ चिकित्सकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में दंत चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप पांडे, मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक भारती, बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचिका, सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. अभिषेक, नर्सिंग ट्यूटर श्री अनुपम सहित विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, एमबीबीएस विद्यार्थी, नर्सिंग छात्र, पैरामेडिकल छात्र, इंटर्न और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
नशे के दुष्प्रभावों पर किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि नशीले पदार्थ केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि परिवार, समाज और देश की आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। प्रतिभागियों को तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों से होने वाली गंभीर बीमारियों, मानसिक समस्याओं, सामाजिक विघटन तथा आर्थिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को तनाव से निपटने के सकारात्मक उपाय, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेल, योग एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
निवारक स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्ध GIMS
जीआईएमएस ने इस आयोजन के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि संस्थान केवल गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, बल्कि समाज में जन-जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को भी अपनी प्राथमिकता मानता है। संस्थान का मानना है कि भविष्य के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी यदि नशा मुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन तेजी से संभव होगा। यही सोच जीआईएमएस को चिकित्सा शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने वाले अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करती है।
“नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव”
कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रतिज्ञा और इस संदेश के साथ हुआ कि “नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव हैं।” उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाकर अधिक से अधिक लोगों को स्वस्थ, सुरक्षित और नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
जीआईएमएस ग्रेटर नोएडा का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि युवाओं में जिम्मेदारी, जागरूकता और स्वस्थ भारत के निर्माण के प्रति समर्पण का सशक्त संदेश देने वाला प्रेरणादायी अभियान साबित हुआ।

