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Sunday, August 23, 2026
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    Noida Authority News : नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही ने ली एक और मासूम की जान!, सेक्टर-123 की ग्रीन बेल्ट में खुले पंप की होदी बनी ‘मौत का कुआं’, 4 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत से मचा हड़कंप, पानी पीने गया था मासूम, खुली होदी में गिरने से चली गई जान

    पिछले कुछ महीनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों, नालों और पानी से भरे निर्माण स्थलों में डूबने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन नहीं कराया जा रहा है। हालिया घटनाओं के बाद भी यदि खुले जलाशयों, पंप होदियों और निर्माण स्थलों को सुरक्षित नहीं किया जाता है तो ऐसे हादसे भविष्य में भी दोहराए जाने की आशंका बनी रहेगी।

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    नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा में खुले गड्ढों, नालों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। अब सेक्टर-123 स्थित ग्रीन बेल्ट में खुले पंप की होदी (जल टैंक) में गिरने से चार वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि परिजनों ने प्राधिकरण की लापरवाही को इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

    पानी पीने गया था मासूम, खुली होदी में गिरने से चली गई जान

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सेक्टर-113 क्षेत्र के सेक्टर-123 स्थित ग्रीन बेल्ट में खेलते समय चार वर्षीय बच्चा प्यास लगने पर पानी पीने के लिए खुले पंप की होदी के पास पहुंचा। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी से भरी होदी में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने जब बच्चे को देखा तो तत्काल बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना के समय मौके पर नहीं था कोई कर्मचारी, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

    परिजनों का आरोप है कि जिस स्थान पर पंप की होदी बनी हुई थी, वहां किसी प्रकार की मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेराबंदी नहीं थी। इतना ही नहीं, हादसे के समय मौके पर प्राधिकरण का कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए होते तो उनके मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

    लगातार हो रहे हादसों के बाद भी नहीं जागा सिस्टम

    पिछले कुछ महीनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों, नालों और पानी से भरे निर्माण स्थलों में डूबने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन नहीं कराया जा रहा है। हालिया घटनाओं के बाद भी यदि खुले जलाशयों, पंप होदियों और निर्माण स्थलों को सुरक्षित नहीं किया जाता है तो ऐसे हादसे भविष्य में भी दोहराए जाने की आशंका बनी रहेगी।

    पुलिस ने शुरू की जांच, जिम्मेदारी तय होने का इंतजार

    घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-113 पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में विकास कार्यों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन केवल कागजों तक सीमित दिखाई देता है। खुले पंप, गहरे गड्ढे और बिना बैरिकेडिंग वाले स्थान छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सभी ऐसे स्थानों का तत्काल सर्वे कराया जाए और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

    स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें

    • सभी खुले पंप, होदी और जलाशयों की तत्काल बैरिकेडिंग की जाए।
    • ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निगरानी रखी जाए।
    • लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
    • भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।

    इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विकास कार्यों के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता कब मिलेगी। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं मासूम जिंदगियों को निगलती रहेंगी और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

    द न्यूज क्लिक की न्यूज

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