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Tuesday, August 11, 2026
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    GIMS Hospital News : ऑपरेशन थिएटर के अनदेखे हीरोज़ को जीआईएमएस का सलाम!, सुरक्षित सर्जरी, आधुनिक तकनीक और नवाचार पर मंथन, राष्ट्रीय संज्ञाहरण एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट दिवस 2026 उत्साह के साथ मनाया गया, ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट का महत्व

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जीआईएमएस के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि सर्जरी के दौरान उपकरणों का सही संचालन, संक्रमण नियंत्रण, रोगी की सुरक्षा और सर्जिकल टीम के साथ तालमेल स्थापित करना इन विशेषज्ञों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने पेशे में व्यावसायिकता, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। सफल सर्जरी केवल एक कुशल सर्जन की बदौलत ही संभव नहीं होती, बल्कि उसके पीछे ऑपरेशन थिएटर में कार्यरत विशेषज्ञों की पूरी टीम की मेहनत, तकनीकी दक्षता और समर्पण भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जीआईएमएस), ग्रेटर नोएडा के कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज द्वारा राष्ट्रीय संज्ञाहरण एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट दिवस-2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “ऑपरेशन थिएटर में नवाचार: सुरक्षित सर्जिकल देखभाल को आगे बढ़ाना” रही, जिसके माध्यम से आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, रोगी सुरक्षा और ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

    कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार हो रहे बदलावों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों को यह समझाना था कि सुरक्षित और सफल सर्जरी के लिए तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और नवाचार कितने आवश्यक हैं।

    ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट का महत्व

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जीआईएमएस के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि सर्जरी के दौरान उपकरणों का सही संचालन, संक्रमण नियंत्रण, रोगी की सुरक्षा और सर्जिकल टीम के साथ तालमेल स्थापित करना इन विशेषज्ञों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने पेशे में व्यावसायिकता, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।

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    विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के अनुभव

    कार्यक्रम में सीएमएस डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. बृज मोहन, कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा सिंह, संज्ञाहरण विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नाज़िया, डॉ. जया भारती सहित संस्थान के कई वरिष्ठ चिकित्सक और फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का परिचय सुश्री अर्पिता, सहायक प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं डॉ. मनिंदर कौर और डॉ. गरिमा ने अतिथि वक्ता के रूप में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तकनीकों, रोगी सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में लगातार सीखते रहने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    लैंप लाइटिंग से लेकर नुक्कड़ नाटक तक, प्रतिभाओं का दिखा शानदार प्रदर्शन

    कार्यक्रम केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे ज्ञान और रचनात्मकता का संगम बनाया गया। आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन (लैंप लाइटिंग) और गणेश वंदना के साथ हुई।

    इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें— पोस्टर प्रतियोगिता, छात्र प्रस्तुतियां, विशेषज्ञ व्याख्यान, नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता विशेष आकर्षण रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने ऑपरेशन थिएटर की कार्यप्रणाली, संक्रमण नियंत्रण, रोगी सुरक्षा और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

    रोगी सुरक्षा और नवाचार पर रहा विशेष फोकस

    कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि बदलते समय के साथ ऑपरेशन थिएटर में नई तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। रोबोटिक सर्जरी, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, आधुनिक एनेस्थीसिया तकनीक और संक्रमण नियंत्रण की नई विधियां मरीजों की सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों का सफल उपयोग तभी संभव है जब प्रशिक्षित ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट पूरी दक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं।

    विद्यार्थियों के लिए मिला प्रेरणा का मंच

    इस आयोजन ने विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें चिकित्सा क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों और जिम्मेदारियों से भी परिचित कराया। विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ संवेदनशीलता, धैर्य और टीम भावना भी उतनी ही आवश्यक है। छात्रों ने भी कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    जीआईएमएस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य शिक्षा और सुरक्षित सर्जिकल देखभाल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। संस्थान लगातार आधुनिक चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैयार कर रहा है।

    कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सभी विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सुरक्षित सर्जिकल देखभाल तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।

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