244 से अधिक टीमों ने वास्तविक सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों पर तैयार किए समाधान, राष्ट्रीय SIH-2026 के लिए 50 टीमों का चयन
ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। शारदा यूनिवर्सिटी में इंटरनल स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH)-2026 का सफल आयोजन किया गया। हैकाथॉन में यूनिवर्सिटी के विभिन्न स्कूलों के करीब 1,400 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर वास्तविक जीवन से जुड़ी सामाजिक और तकनीकी समस्याओं के लिए इनोवेशन आधारित समाधान विकसित किए। छह-छह प्रतिभागियों वाली 244 से अधिक टीमों ने ब्रेनस्टॉर्मिंग, रिसर्च, कोडिंग, प्रोटोटाइपिंग, टीमवर्क और प्रेजेंटेशन के जरिए अलग-अलग प्रॉब्लम स्टेटमेंट पर काम किया।
हैकाथॉन ने विद्यार्थियों को क्लासरूम की सैद्धांतिक पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक चुनौतियों पर अपने तकनीकी ज्ञान को लागू करने का अवसर दिया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों को विकसित करने के साथ उनके तकनीकी पक्ष, व्यवहार्यता और संभावित सामाजिक प्रभाव को भी प्रस्तुत किया।
कई तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
SIH-2026 के दौरान विद्यार्थियों ने स्मार्ट ऑटोमेशन, आपदा प्रबंधन, मेडटेक, बायोटेक, हेल्थटेक, कृषि एवं ग्रामीण विकास, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में समाधान विकसित किए। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में करीब 75 प्रतिशत प्रोजेक्ट सॉफ्टवेयर आधारित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को न केवल तकनीकी समाधान विकसित करने, बल्कि समस्या की वास्तविक जरूरत समझने, टीम के साथ काम करने, प्रोटोटाइप तैयार करने और अपने आइडिया को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का अनुभव मिला।
150 से अधिक जजों ने किया टीमों का मूल्यांकन
हैकाथॉन के पहले दिन 150 से अधिक जजों वाले 33 जजिंग पैनल ने प्रतिभागी टीमों का मूल्यांकन किया। इस चरण के बाद 100 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया गया। दूसरे दिन शॉर्टलिस्ट की गई टीमों का दो स्लॉट में मूल्यांकन हुआ, जिसमें प्रत्येक स्लॉट में पांच जजिंग पैनल शामिल रहे।
मूल्यांकन के विभिन्न चरणों के बाद राष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 में शारदा यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने के लिए कुल 50 टीमों का चयन किया गया। इनमें 23 हार्डवेयर, 22 सॉफ्टवेयर और 5 बैकअप टीमें शामिल हैं।
हार्डवेयर श्रेणी में ZEIT v.1.0, EcoPlast Pioneers और ZEIT v.2.0 प्रमुख टीमों में रहीं। वहीं सॉफ्टवेयर श्रेणी में Agentic Lab, BlueHorizon और TITANS ने प्रमुख स्थान हासिल किया।

‘युवा प्रतिभाओं में इनोवेशन की क्षमता का प्रमाण’
शारदा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. सिबा राम खारा ने विद्यार्थियों की भागीदारी को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि 1,400 छात्रों की भागीदारी इनोवेशन और तकनीकी समाधान विकसित करने के प्रति युवाओं के उत्साह का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन ने विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान विकसित करने के साथ राष्ट्रीय विकास में योगदान देने का अवसर दिया है।
डीन प्रो. (डॉ.) गीता गणेशन ने कहा कि SIH ने विद्यार्थियों को इनोवेशन की पूरी प्रक्रिया का अनुभव कराया। इसमें समस्या की पहचान, विभिन्न विषयों के बीच सहयोग और सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक समाधान में बदलना शामिल रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास के साथ समस्याओं का समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया।
टीमवर्क और नेतृत्व का भी मिला अनुभव
हैकाथॉन के दौरान विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ टीमवर्क, नेतृत्व, समस्या विश्लेषण, समाधान निर्माण, दृढ़ता और तकनीकी प्रस्तुति जैसे कौशल विकसित करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को परखने और वास्तविक चुनौतियों पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव दिया।
राष्ट्रीय स्तर के अगले चरण के लिए चयनित टीमें अब स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 में शारदा यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करेंगी। इससे विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने और उसे और बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में डीन डॉ. पल्लवी गुप्ता, एसोसिएट डीन प्रो. (डॉ.) सुदीप वार्ष्णेय, प्रो. (डॉ.) कृष्णन, डॉ. मोहित साहनी, डॉ. जयंत शेखर, डॉ. रजनीश कुमार सिंह, श्री आशीष कुमार, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. जितेंद्र सिंह, पवन, यशस्विनी, दीपक और सौरव सहित विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य, अधिकारी, स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
SIH-2026 के आयोजन के माध्यम से शारदा यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों को इनोवेशन, तकनीकी प्रयोग, सहयोग और समस्या समाधान के लिए प्रोत्साहित करने तथा उन्हें भारत के उभरते स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के लिए तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

