ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा में यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित लीड्स यूनिवर्सिटी के दो शिक्षाविदों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। स्कूल परिसर में आयोजित इस विशेष एवं इंटरैक्टिव सेशन में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, मानविकी और उच्च शिक्षा के वैश्विक अवसरों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में लीड्स यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ सिविल इंजीनियरिंग में इंफ्रास्ट्रक्चर मटीरियल्स के प्रोफेसर प्रो. लियोन ब्लैक तथा फैकल्टी ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड कल्चरल स्टडीज में कल्चरल स्टडीज, मीडिया स्टडीज एवं डिजिटल ह्यूमैनिटीज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दिब्यद्युति रॉय शामिल हुए।

‘ह्यूमन्स ऑफ एआई’ से शुरू हुआ संवाद
सेशन की शुरुआत डॉ. दिब्यद्युति रॉय के विशेष व्याख्यान “ह्यूमन्स ऑफ एआई: द पास्ट्स, पेरिल्स एंड प्रॉमिसेज ऑफ ‘थिंकिंग’ मशीन्स” से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास और इतिहास पर चर्चा करते हुए इसके वर्तमान स्वरूप तथा भविष्य की संभावनाओं को समझाया। उन्होंने एआई से जुड़ी नैतिक चुनौतियों और समाज पर इसके संभावित प्रभावों पर भी विचार साझा किए। विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि तकनीक केवल विज्ञान और कंप्यूटर तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका संबंध संस्कृति, समाज और मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रो. लियोन ब्लैक ने रखे विचार
इसके बाद प्रोफेसर लियोन ब्लैक ने करीब दस मिनट का विशेष संबोधन दिया। उन्होंने सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर मटीरियल्स और कंक्रीट की टिकाऊपन से संबंधित अपनी शोध एवं विशेषज्ञता के आधार पर विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने इंजीनियरिंग और फिजिकल साइंसेज के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक एवं करियर अवसरों पर भी प्रकाश डाला। उनके संबोधन से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिली कि भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को पूरा करने में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों ने पूछे उच्च शिक्षा और विदेश में रिसर्च से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के अंत में इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने दोनों शिक्षाविदों से उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, विदेशों में अध्ययन एवं शोध के अवसरों और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में करियर की संभावनाओं से जुड़े सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने विज्ञान, इंजीनियरिंग के साथ-साथ मानविकी, मीडिया और डिजिटल ह्यूमैनिटीज जैसे क्षेत्रों में करियर विकल्पों को लेकर भी अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। लीड्स यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्हें अपनी रुचि और क्षमताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा एवं करियर के रास्ते तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह संवाद विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी शैक्षणिक अनुभव रहा, जिसमें उन्हें एआई और भविष्य की तकनीकों के साथ-साथ सस्टेनेबल इंजीनियरिंग तथा वैश्विक उच्च शिक्षा के अवसरों को समझने का अवसर मिला।

