ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
धरती को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वर देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को ग्रेटर नोएडा स्थित गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) ने पूरे उत्साह और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ अपनाया है। रविवार सुबह संस्थान परिसर में आयोजित भव्य वृक्षारोपण अभियान के साथ इस राष्ट्रीय अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम में डॉक्टरों, प्रोफेसरों, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल छात्रों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और संस्थान के आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

सुबह सात बजे शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण तैयार करना भी था। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक जुड़ाव के साथ जोड़ते हुए लोगों को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संदेश दिया।
निदेशक ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश गुप्ता ने किया अभियान का शुभारंभ
वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ जीआईएमएस के निदेशक ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश गुप्ता ने पौधा लगाकर किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृत्व दोनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां हमें जीवन देती है, उसी प्रकार पेड़ भी जीवन का आधार हैं। यदि हर व्यक्ति अपनी मां के नाम एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी से देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन देखा जा सकता है।
उन्होंने सभी संकाय सदस्यों, छात्रों, कर्मचारियों और संस्थान के निवासियों से अपील की कि पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें, क्योंकि पौधा तभी सार्थक होगा जब वह एक विशाल वृक्ष बनकर समाज और प्रकृति दोनों को लाभ पहुंचाए।
स्वास्थ्य संस्थानों की भी पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका
अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की जिम्मेदारी केवल मरीजों का उपचार करना नहीं है, बल्कि स्वस्थ वातावरण तैयार करना भी उनकी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में हरित वातावरण मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छ हवा और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में प्रत्येक संस्थान को पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। जीआईएमएस इसी सोच के साथ लगातार हरित परिसर विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
12 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष वृक्षारोपण अभियान
जीआईएमएस प्रशासन ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। 12 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक संस्थान के विभिन्न विभागों की भागीदारी के साथ लगातार वृक्षारोपण किया जाएगा।
अस्पताल परिसर, आवासीय क्षेत्र, पार्क, सड़क किनारे और अन्य खुले स्थानों पर विभिन्न स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों का चयन स्थानीय जलवायु और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि उनका संरक्षण और विकास बेहतर ढंग से हो सके।
डॉक्टरों, छात्रों और कर्मचारियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
अभियान के दौरान डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों ने पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली। सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे तथा अपने आसपास अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने कहा कि इस प्रकार के अभियान उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाते हैं और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं।
अनेक वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतेंद्र कुमार, संकाय प्रभारी प्रशासक डॉ. बी.एस. यादव, डॉ. किरण झाखर, कर्नल ए.के. शर्मा, डॉ. नीतू भदौरिया, डॉ. पी.एस. मित्तल, डॉ. शिखर जौहरी, श्री अनुपम, श्री कौशल सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक, संकाय सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, छात्र और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर पौधे लगाए और इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा वातावरण देखने को मिला।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल
जीआईएमएस द्वारा आयोजित यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देता है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान भावनात्मक जुड़ाव और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का ऐसा संगम है, जो लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ हरित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

