ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी पहली सफल एडवांस्ड रोबोटिक व्हिपल (Pancreaticoduodenectomy) सर्जरी कर 65 वर्षीय महिला को नया जीवन दिया है। प्रयागराज निवासी महिला लंबे समय से पेट दर्द और पीलिया से पीड़ित थीं। जांच में उन्हें डिस्टल बाइल डक्ट कैंसर (Distal Bile Duct Cancer) होने की पुष्टि हुई। उनकी हृदय की कार्यक्षमता भी कमजोर थी, जिससे यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल और उच्च जोखिम वाला माना जा रहा था।

इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को डॉ. मनोज गुप्ता, सीनियर डायरेक्टर एवं विभागाध्यक्ष – रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक जीआई सर्जरी, जीआई ऑन्कोलॉजी एवं लिवर ट्रांसप्लांट और उनकी विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की सहायता से सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी सामान्य रही और अब वह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
जटिल बीमारी के बावजूद चुना गया रोबोटिक उपचार
मरीज लगातार पेट दर्द और पीलिया की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थीं। विस्तृत जांच और आधुनिक इमेजिंग तकनीकों से पता चला कि उन्हें पित्त नली के निचले हिस्से का कैंसर है। उम्र अधिक होने और हृदय की कमजोरी के कारण पारंपरिक ओपन सर्जरी का जोखिम काफी ज्यादा था। ऐसे में विशेषज्ञों ने रोबोटिक व्हिपल सर्जरी का विकल्प चुना, जिससे ऑपरेशन अधिक सुरक्षित, सटीक और कम जोखिम वाला बनाया जा सके।

सबसे जटिल सर्जरी में होती है व्हिपल प्रक्रिया
व्हिपल सर्जरी को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी की सबसे जटिल प्रक्रियाओं में गिना जाता है। इसमें अग्न्याशय (पैंक्रियास), पित्त नली और छोटी आंत के प्रभावित हिस्सों को हटाकर शरीर की पाचन प्रणाली को दोबारा जोड़ा जाता है। पहले यह ऑपरेशन बड़े चीरे के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब रोबोटिक तकनीक की मदद से छोटे चीरों के जरिए अत्यधिक सटीकता के साथ यह प्रक्रिया संभव हो गई है।
कैंसर सर्जरी में रोबोटिक तकनीक बनी वरदान
विशेषज्ञों के अनुसार रोबोटिक तकनीक कैंसर सर्जरी में काफी प्रभावी साबित हो रही है। इसकी सहायता से ट्यूमर को अत्यंत सटीकता से हटाया जा सकता है, जबकि आसपास के स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे मरीज की रिकवरी तेज होती है, दर्द और रक्तस्राव कम होता है तथा संक्रमण की संभावना भी काफी घट जाती है।
डॉ. मनोज गुप्ता ने क्या कहा
डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि यह मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मरीज कैंसर के साथ गंभीर हृदय रोग से भी पीड़ित थीं। उन्होंने कहा कि रोबोटिक तकनीक की हाई-डेफिनिशन 3D विजुअलाइजेशन और अत्यधिक लचीले उपकरणों ने ऑपरेशन को अधिक सुरक्षित और सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और कैंसर सर्जरी का भविष्य है। व्हिपल जैसी जटिल सर्जरी में इससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, छोटे चीरे, संक्रमण का कम खतरा, तेजी से रिकवरी और अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं।”
मरीजों को मिलते हैं ये प्रमुख लाभ
रोबोटिक जीआई सर्जरी के प्रमुख लाभों में शामिल हैं—
छोटे चीरे और कम दर्द
कम रक्तस्राव
संक्रमण का कम खतरा
अत्यधिक सटीक सर्जरी
तेजी से रिकवरी
अस्पताल में कम समय तक भर्ती
सामान्य जीवन में शीघ्र वापसी
आधुनिक तकनीक से मरीजों को मिल रहा विश्वस्तरीय उपचार
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों और मरीज-केंद्रित उपचार व्यवस्था का प्रमाण है। अस्पताल लगातार अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर कैंसर एवं जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों के मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध करा रहा है।
वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित निगरानी में सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।

